हरदोई: डीएम अनुनय झा ने गोद लिए विद्यालय का किया निरीक्षण, बच्चों से खुद लगवाए गणित के सवाल

जन एक्सप्रेस/हरदोई: हरदोई जिले में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में जिला प्रशासन लगातार सक्रिय नजर आ रहा है। इसी क्रम में सोमवार को जिलाधिकारी अनुनय झा ने अपने द्वारा गोद लिए गए टड़ियावां ब्लॉक स्थित प्राथमिक विद्यालय कन्था थोक का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान डीएम न सिर्फ प्रशासनिक अधिकारी की भूमिका में दिखे, बल्कि वे शिक्षक बनकर कक्षा में बच्चों के बीच बैठ गए और उनसे गणित के सवाल हल करवाए।
बच्चों से सीधा संवाद, पढ़ाई का लिया जायजा
निरीक्षण के दौरान डीएम अनुनय झा ने कक्षा में जाकर छात्रों से जोड़, घटाव और सामान्य गणितीय प्रश्न पूछे। बच्चों ने भी पूरे आत्मविश्वास के साथ सवालों के जवाब दिए। डीएम ने शिक्षा की गुणवत्ता, शिक्षकों की पढ़ाने की शैली और बच्चों की समझ को बारीकी से परखा। साथ ही उन्होंने बच्चों से बातचीत कर यह भी जाना कि उन्हें पढ़ाई में किन विषयों में अधिक कठिनाई होती है।
मिड डे मील की गुणवत्ता की खुद की जांच
निरीक्षण के दौरान डीएम ने विद्यालय में तैयार हो रहे मिड डे मील (मध्याह्न भोजन) की गुणवत्ता की भी जांच की। उन्होंने बच्चों के साथ बैठकर भोजन को स्वयं चखा और स्वाद व गुणवत्ता पर संतोष व्यक्त किया। डीएम ने रसोइयों की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों को पौष्टिक और स्वच्छ भोजन मिलना उनकी सेहत और पढ़ाई दोनों के लिए बेहद जरूरी है।
स्कूल के बुनियादी ढांचे को लेकर दिए अहम निर्देश
डीएम अनुनय झा ने विद्यालय परिसर का निरीक्षण करते हुए प्रधानाचार्य को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालय परिसर में मिट्टी का भराव कराकर जमीन को समतल कराया जाए। इसके साथ ही स्कूल गेट से लेकर विद्यालय के अंदर और आंगनबाड़ी केंद्र तक इंटरलॉकिंग टाइल्स लगवाई जाएं।
डीएम ने बाउंड्री वॉल की फिनिशिंग, बालक, बालिका एवं दिव्यांग शौचालयों की मरम्मत, टूटे हुए नालों को ठीक कराने और हैंडवॉश क्षेत्र में टाइल्स लगवाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने यह भी कहा कि विद्यालय का मुख्य गेट भव्य रूप में तैयार किया जाए, जिस पर आकर्षक रंगों से पेंटिंग कराई जाए, ताकि स्कूल का माहौल बच्चों के लिए प्रेरणादायक बने।
कमजोर छात्रों के लिए अलग ग्रुप बनाने के निर्देश
विद्यालय परिसर में शिक्षकों और शिक्षा मित्रों के साथ बैठक करते हुए डीएम ने पढ़ाई में कमजोर बच्चों को लेकर विशेष रणनीति बनाने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि कक्षा 1, 2 और 3 तथा कक्षा 4 और 5 के कमजोर छात्रों का अलग-अलग ग्रुप बनाया जाए और उन्हें अतिरिक्त समय देकर पढ़ाया जाए।
डीएम ने विशेष रूप से गणित और हिंदी विषय पर जोर देते हुए कहा कि इन विषयों में बच्चों को मजबूत किया जाए, ताकि उनकी बुनियाद मजबूत हो सके। उन्होंने शिक्षकों से नियमित मूल्यांकन और बच्चों की प्रगति पर नजर रखने को भी कहा।
बच्चों के खेल और सुविधा पर भी फोकस
डीएम ने कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास भी जरूरी है। इसके लिए विद्यालय परिसर में बच्चों के खेलने हेतु झूले और अन्य खेल सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।
आंगनबाड़ी केंद्र की समस्याओं पर त्वरित कार्रवाई
निरीक्षण के दौरान आंगनबाड़ी केंद्र में बिजली कनेक्शन और पंखे की व्यवस्था न होने पर डीएम ने नाराजगी जताई। उन्होंने मौके पर मौजूद खंड विकास अधिकारी अमित कुमार झा को निर्देश दिए कि जल्द से जल्द आंगनबाड़ी केंद्र में विद्युत कनेक्शन और पंखे की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
अधिकारी रहे मौजूद
इस निरीक्षण के दौरान प्रभारी जिला सूचना अधिकारी दिव्या निगम, विद्यालय के प्रधानाचार्य, शिक्षक, शिक्षा मित्र और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
निरीक्षण के अंत में डीएम अनुनय झा ने कहा कि सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।








