
जन एक्सप्रेस/हरिद्वार।चंद्रप्रकाश बहुगुणा:गायत्री परिवार की संस्थापिका वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा के जन्म शताब्दी वर्ष के कार्यक्रम में अखिल विश्व गायत्री परिवार ने न केवल आध्यात्मिक ऊर्जा, बल्कि स्वच्छता और नागरिक बोध का भी अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया है। शताब्दी नगर बैरागी कैंप क्षेत्र में सरकार द्वारा निर्धारित स्वच्छता मानकों के अनुरूप व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद करते हुए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। गायत्री परिवार स्वच्छ भारत-स्वस्थ भारत के संकल्प के साथ चलता है तथा औरों को प्रेरित भी करता है। जनवरी 2026 में प्रस्तावित शताब्दी समारोह हेतु करीब तीन किमी की परिधि में नौ नगर बसाये गये हैं, जहां करीब पचास हजार से अधिक लोगों की आने की संभावना है। स्वच्छता विभाग के प्रेमलाल बिरला की अगुवाई में पूरे नगर क्षेत्र में ३००० से अधिक कूड़ेदान (डस्टबिन) स्थापित किए जा रहे हैं। कूड़ेदानों का वर्गीकरण गीले और सूखे कचरे के आधार पर किया गया है, ताकि पर्यावरण संरक्षण के वैश्विक मानकों का पालन हो सके।इस महायज्ञ में शांतिकुंज के समर्पित स्वयंसेवकों की टोली दिन में दो बार सघन स्वच्छता अभियान चला रही है। सूर्याेदय के साथ और संध्या काल में, सैकड़ों स्वयंसेवक झाड़ू और सफाई उपकरणों के साथ पूरे परिसर को स्वच्छ कर रहे हैं। स्वयंसेवी भाई बहिनों का यह अनुशासन आगंतुकों के लिए प्रेरणा का केंद्र बना हुआ है।शांतिकुंज व्यवस्थापक योगेंद्र गिरि ने बताया कि गायत्री परिवार के संस्थापक पूज्य पं श्रीराम शर्मा आचार्यश्री सदैव कहते रहे हैं कि स्वच्छ वातावरण से स्वस्थ मन का निर्माण होता है, और स्वस्थ मन से ही सभ्य समाज का निर्माण संभव है। उन्होंने बताया कि बैरागी कैंप में स्थित शताब्दी नगर में तीन हजार से अधिक कूडेदान स्थापित किया गया हैं। इसे दिन में दो बार खाली कराया जायेगा। हमारा लक्ष्य है कि बैरागी कैंप में आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु यहाँ की स्वच्छता देखकर एक संस्कार लेकर जाए। शांतिकुंज प्रबंधन ने सभी से डस्टबिन का ही प्रयोग करने और देवभूमि की पवित्रता बनाए रखने में सहयोग करने के आग्रह किया है।





