अस्पताल पर मानवता को शर्मसार करने के आरोप, डॉक्टर की लापरवाही से गर्भस्थ शिशु की मौत
डिलीवरी के नाम पर सौदेबाज़ी का आरोप, ऑपरेशन में लापरवाही से महिला की हालत बिगड़ी — परिजनों ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग

जन एक्सप्रेस चित्रकूट।धर्मनगरी चित्रकूट के जिला अस्पताल से मानवता को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां तैनात डॉक्टर रफीक अंसारी पर डिलीवरी के दौरान घोर लापरवाही, आर्थिक मांग और गलत ऑपरेशन करने के गंभीर आरोप लगे हैं। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों की लापरवाही के चलते गर्भस्थ शिशु की पेट में ही मौत हो गई, जबकि महिला की जान भी खतरे में डाल दी गई।पीड़ित परिवार के अनुसार, डिलीवरी के लिए पहले महिला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामनगर ले जाया गया, जहां से हालत गंभीर बताते हुए जिला अस्पताल रेफर किया गया। जिला अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टर रफीक अंसारी ने मरीज को देखने के बावजूद ऑपरेशन करने से इनकार कर दिया।
नर्स के ज़रिये 15 हजार रुपये मांगने का आरोप
परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर ने नर्स के माध्यम से ऑपरेशन के बदले 15 हजार रुपये की मांग की। मजबूरी में परिजनों ने इधर-उधर सिफारिश कराई, जिसके बाद सीएमओ के दबाव में डॉक्टर ने ऑपरेशन तो किया, लेकिन आरोप है कि पैसे न मिलने के कारण ऑपरेशन गलत तरीके से किया गया।परिजनों का कहना है कि ऑपरेशन के छह दिन बाद जब महिला को घर लाया गया, तो उसके टांके खुल गए। हालत बिगड़ने पर कई अस्पतालों से संपर्क किया गया, लेकिन कहीं भर्ती नहीं किया गया। अंततः बड़ी मशक्कत के बाद प्रयागराज के एक निजी अस्पताल में महिला को आईसीयू में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है।पीड़ित परिजनों ने कहा कि डॉक्टर को भगवान का दर्जा दिया जाता है, लेकिन इस तरह का व्यवहार चिकित्सा पेशे को कलंकित करता है। उन्होंने ऐसे डॉक्टरों को अस्पताल में रखने पर ही सवाल खड़े किए हैं।
जिलाधिकारी से जांच और सख्त कार्रवाई की मांग
परिजनों ने जिलाधिकारी चित्रकूट से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी डॉक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो भविष्य में और भी मासूम ज़िंदगियां खतरे में पड़ सकती हैं।फिलहाल, इस मामले पर जिला अस्पताल प्रशासन या संबंधित डॉक्टर की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।






