
जन एक्सप्रेस हरिद्वार। देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति और युवा आइकॉन डॉ. चिन्मय पंड्या ने अपने तीन दिवसीय अंडमान–निकोबार प्रवास के दौरान देलानीपुर, विजयपुरम में बने नवनिर्मित गायत्री चेतना केंद्र का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह केंद्र अंडमान में गायत्री चेतना और सकारात्मक ऊर्जा का स्रोत बनेगा, जो प्रत्येक जीवन में प्रकाश और सद्भाव फैलाएगा।
वीर सावरकर की कर्मभूमि में अर्पित किए श्रद्धा-सुमन
डॉ. पंड्या ने इस दौरान सेलुलर जेल पहुंचकर महान स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर और अमर बलिदानियों को श्रद्धा-सुमन अर्पित किए। उन्होंने कहा कि सावरकर जैसे राष्ट्रनायकों की कर्मभूमि पर कदम रखना अपने आप में प्रेरणादायी अनुभव है।
स्थानीय गायत्री परिवार से की आत्मीय चर्चा
इस अवसर पर विनय, प्रेसिडेंट – यूनियन ऑफ टूरिज़्म, अंडमान-निकोबार ने डॉ. पंड्या का हार्दिक स्वागत किया। डॉ. पंड्या ने उन्हें गुरुदेव पं. श्रीराम शर्मा आचार्य का साहित्य भेंट कर शांतिकुंज, हरिद्वार आने का निमंत्रण दिया।
“शताब्दी वर्ष है युग निर्माण का वैश्विक अभियान”
गायत्री साधकों को संबोधित करते हुए डॉ. पंड्या ने कहा कि गायत्री परिवार का शताब्दी वर्ष युग निर्माण का वैश्विक अभियान है, जिसमें हर साधक को सक्रिय भूमिका निभाते हुए सनातन संस्कृति को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना होगा।
अंडमान भर में प्रेरणादायी जनसंपर्क यात्रा
अपने प्रवास के दौरान डॉ. पंड्या ने विजयपुरम, जिरकाटांग, बाराटांग, साउथ क्रीक, कदमतला आदि स्थानों पर गायत्री परिवार के परिजनों से भेंट की, उन्हें शांतिकुंज के जन्मशताब्दी महोत्सव में सहभागिता का आमंत्रण दिया और गुरुदेव का साहित्य व देवस्थापना चित्र भेंट किया।






