जौनपुर स्वास्थ्य विभाग का अमानवीय चेहरा बेनक़ाब!
तालाब में डूबे किशोर का अस्पताल के बाहर ही इलाज — फार्मासिस्ट का अमानवीय व्यवहार, फोटो वायरल!

जन एक्सप्रेस जौनपुर। जिले के करंजाकला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) से मानवता को शर्मसार करने वाली तस्वीरें सामने आई हैं।
तालाब में डूबे एक किशोर को इलाज के लिए लाया गया, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही और संवेदनहीनता ने सबको हिला कर रख दिया।अस्पताल के बाहर ‘जमीन पर’ इलाज – गोदी में पड़ा किशोर, दूर से ही फार्मासिस्ट ने लगाई स्टेथोस्कोप! सूत्रों के अनुसार, डूबे हुए किशोर को परिजन अस्पताल लेकर पहुंचे।वहाँ मौजूद फार्मासिस्ट सत्यलाल यादव ने अस्पताल के अंदर ले जाने के बजाय बाहर ही ‘इलाज’ शुरू कर दिया।तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि किशोर किसी की गोद में मृत अवस्था में लेटा है और फार्मासिस्ट दूर से ही स्टेथोस्कोप लगाकर औपचारिकता निभा रहे हैं, जैसे मरीज को छूने से डर लग रहा हो।वायरल हुई तस्वीरें, उठे सवाल – क्या यही है सरकारी स्वास्थ्य सेवा की ‘संवेदना’?यह अमानवीय दृश्य सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो गया है।लोगों ने टिप्पणी की –“अगर सरकारी अस्पताल में यही संवेदना है, तो गरीब किस पर भरोसा करे?” स्थानीय लोगों ने कहा कि यह नज़ारा पूरे स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही और बेपरवाही का प्रमाण है।
मानवता हुई शर्मसार, विभाग पर उठे सवाल!
ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि यह मामला केवल लापरवाही नहीं बल्कि मानवता का अपमान है।
लोगों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी से तत्काल जांच और कार्रवाई की मांग की है।“अगर ऐसे लोग सफेद कोट पहनकर सेवा कर रहे हैं, तो यह पूरे सिस्टम पर कलंक है,” – एक स्थानीय समाजसेवी ने कहा।जनता ने मांग की है कि फार्मासिस्ट सत्यलाल यादव के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाए और अस्पताल के पूरे स्टाफ की कार्यप्रणाली की जांच की जाए।






