जौनपुर: जिलाधिकारी ने खुद की गेहूं की फसल की कटाई, ‘क्रॉप कटिंग’ के जरिए परखी उपज की हकीकत

जन एक्सप्रेस/जौनपुर: जनपद में रबी की फसल की कटाई के साथ ही उपज के सटीक आकलन के लिए जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र ने स्वयं मोर्चा संभाल लिया है। शुक्रवार को जिलाधिकारी ने तहसील सदर के ग्राम महरूपुर में संचालित फसल कटाई (क्रॉप कटिंग) प्रयोग का स्थलीय निरीक्षण किया और उपज की गुणवत्ता व मात्रा को परखा।
CCE Agri App से हुआ डिजिटल निरीक्षण
जिलाधिकारी ने महरूपुर के कृषक हरिश चंद्र के रैंडम चयनित गाटा संख्या 1798 में गेहूं की फसल की कटाई का निरीक्षण किया। यह पूरी प्रक्रिया भारत सरकार के CCE Agri App के माध्यम से डिजिटल रूप में संपन्न कराई गई, ताकि आंकड़ों में पारदर्शिता बनी रहे।
उपज का गणित: 42.30 क्विंटल प्रति हेक्टेयर की उत्पादकता
फसल कटाई प्रयोग के दौरान एक निर्धारित वैज्ञानिक पद्धति अपनाई गई:
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क्षेत्रफल: 10×10×10 मीटर के समबाहु त्रिभुज (Equilateral Triangle) के भीतर कुल 43.3 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में कटाई की गई।
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वजन: इस निर्धारित क्षेत्र से कुल 18 किलोग्राम 320 ग्राम गेहूं प्राप्त हुआ।
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परिणाम: इस प्रयोग के आधार पर जिले में गेहूं की उत्पादकता 42.30 क्विंटल प्रति हेक्टेयर आंकी गई है।
जिलाधिकारी के सख्त निर्देश: “पारदर्शिता से समझौता नहीं”
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र ने संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए:
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पारदर्शिता: फसल कटाई का कार्य पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी होना चाहिए।
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किसानों का हित: चूँकि क्रॉप कटिंग के आंकड़े ही बीमा क्लेम और सरकारी नीतियों का आधार बनते हैं, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या डेटा में हेरफेर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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निगरानी: लेखपाल और सांख्यिकी विभाग के अधिकारी हर प्रयोग की स्वयं निगरानी करें।
मौके पर उपस्थित अधिकारी
इस अवसर पर जिला कृषि अधिकारी विनय सिंह, उप परियोजना निदेशक (आत्मा) डॉ. रमेश चंद्र यादव, तहसीलदार सौरभ कुमार, सांख्यिकी विभाग से सुरेंद्र प्रताप सिंह, लेखपाल शिखा शुक्ला और बीमा प्रतिनिधि राकेश गुप्ता सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और किसान उपस्थित रहे।





