उत्तराखंडनई टिहरी

भूमि प्रबंधक समिति बनेगी अवैध भूमि खरीद-फरोख्त पर प्रहरी

जन एक्सप्रेस/नई टिहरी।उत्तराखण्ड पंचायती राज अधिनियम, 2016 (संशोधित 2024) में ग्राम पंचायतों को भूमि संरक्षण की दिशा में अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। अधिनियम के अध्याय सात की धारा 41 एवं 42 तथा धारा 23 में स्पष्ट प्रावधान किया गया है कि जब पंचायत भूमि प्रबंधक समिति के रूप में कार्य करेगी, तब राजस्व उपनिरीक्षक (पटवारी) अथवा लेखपाल राजस्व विभाग की ओर से ग्राम पंचायत के सचिव के रूप में कार्य करेगा, जबकि ग्राम प्रधान भूमि प्रबंधक समिति का अध्यक्ष होगा।यह बात ग्राम प्रधान कुठा विकास खण्ड चंबा भूपेन्द्र रावत ने की है !
इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य पर्वतीय क्षेत्रों में तेजी से हो रही भूमि की अवैध खरीद-फरोख्त पर रोक लगाना है, ताकि पहाड़ और आम पहाड़ी को संरक्षण मिल सके। अधिनियम के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत में गठित भूमि प्रबंधक समिति भूमि से जुड़े मामलों पर निगरानी रखते हुए अवैध लेन-देन, अतिक्रमण और नियमविरुद्ध बैनामों पर रोक लगाने में प्रहरी की भूमिका निभाएगी।विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भूमि प्रबंधक समितियां अधिनियम के अनुरूप सक्रिय रूप से कार्य करें, तो ग्राम स्तर पर ही भूमि से संबंधित विवादों और अनियमितताओं पर अंकुश लगाया जा सकता है। इससे न केवल स्थानीय लोगों के अधिकार सुरक्षित होंगे, बल्कि पहाड़ी क्षेत्रों की मूल पहचान और संसाधनों का संरक्षण भी सुनिश्चित हो सकेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button