पशुधन क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था और खाद्य सुरक्षा का अहम अंग : रूपाला

नई दिल्ली । केंद्रीय मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला ने कहा कि भारत पशुधन से सम्पन्न देश है। यहां विविध पशु प्रजातियां पाई जाती हैं। पशुधन क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था और खाद्य सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में पशुधन के स्वास्थ्य की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता में शामिल है।
रूपाला ने शुक्रवार को राष्ट्रीय वन हेल्थ मिशन के तत्वाधान में ‘‘पशु महामारी तैयार पहल ( एपीपीआई )” व विश्व बैंक की ओर से वित्तपोषित वन हेल्थ के लिए पशु स्वास्थ्य प्रणाली सहायता ( एएचएसएसओएच ) परियोजना का शुभारंभ करते हुए कहा कि सरकार पशुओं में जूनोटिक बीमारियों से उत्पन्न खतरों के प्रति भी संवेदनशील है। पशु महामारी तैयारी पहल हमारे पशु संसाधनों की रक्षा करने और हमारे लोगों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सुनिश्चित करने के लिए एक सक्रिय कदम है।
उल्लेखनीय है कि पशुपालन और डेयरी विभाग ने एक स्वास्थ्य दृष्टिकोण का उपयोग करते हुए एक बेहतर पशु स्वास्थ्य प्रबंधन प्रणाली के लिए एक इकोसिस्टम का सृजन करने के लक्ष्य के साथ विश्व बैंक के साथ वन हेल्थ के लिए पशु स्वास्थ्य प्रणाली सहायता ( एएचएसएसओएच ) पर एक सहयोगी परियोजना पर हस्ताक्षर किए हैं। इस परियोजना को पांच राज्यों में कार्यान्वित किया जाएगा और इसमें पशु स्वास्थ्य और रोग प्रबंधन से जुड़े हितधारकों के क्षमता निर्माण में सुधार लाने की परिकल्पना की गई है। इस परियोजना में मानव स्वास्थ्य, वन और पर्यावरण विभाग द्वारा राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय स्तर पर सहभागिता व स्थानीय स्तर पर भी समुदाय भागीदारी सहित एक स्वास्थ्य ढांचे का सृजन करने और उसे सुदृढ़ बनाने की बात की गई है।
मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के अनुसार इस सहयोगी परियोजना का कार्यान्वयन 1228.70 करोड़ रुपये के वित्तीय प्रावधान के साथ केंद्रीय क्षेत्र योजना के रूप में पांच वर्ष की अवधि के दौरान किया जाएगा।






