आजमगढ़: फार्मर रजिस्ट्री में लापरवाही पर नपेंगे अफसर, फर्जी रिपोर्ट लगाने पर होगी FIR – DM रविन्द्र कुमार

जन एक्सप्रेस/आजमगढ़: उत्तर प्रदेश सरकार की प्राथमिकता योजना एग्रीस्टैक के तहत आजमगढ़ जिले में फार्मर रजिस्ट्री को शत-प्रतिशत पूरा करने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जिलाधिकारी (DM) रविन्द्र कुमार ने अवकाश के दिन भी कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक कर इसकी प्रगति की समीक्षा की और कड़े निर्देश जारी किए।
फर्जी रिपोर्ट लगाने वाले कार्मिकों पर होगी सख्त कार्रवाई
निरीक्षण के दौरान किसानों ने जिलाधिकारी से शिकायत की कि एटीएम (ATM), बीटीएम (BTM) और अन्य कार्मिक गांवों में वेरिफिकेशन करने नहीं आते हैं। वे बिना स्थलीय निरीक्षण किए ही रिपोर्ट लगा देते हैं कि ‘किसान गांव में नहीं रहता’ या ‘बाहरी है’।
जिलाधिकारी ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा: “यदि जांच में किसी भी कार्मिक द्वारा गलत सूचना या फर्जी रिपोर्ट लगाई पाई गई, तो उनके खिलाफ सख्त विधिक (कानूनी) कार्रवाई की जाएगी और शासन को भी अवगत कराया जाएगा।”
डीएम ने किया कैंपों का औचक निरीक्षण
बैठक के बाद जिलाधिकारी ने विकासखंड पल्हनी के प्राथमिक विद्यालय आजमपुर और विकासखंड सठियांव के अंबाडी पंचायत भवन में आयोजित फार्मर रजिस्ट्री विशेष कैंपों का स्थलीय निरीक्षण किया।
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किसानों से सीधा संवाद: डीएम ने खुद कृषक शकुंतला गुप्ता, रामवृक्ष, बृजभान सिंह, यशवीर सिंह मौर्य और मुन्नालाल विश्वकर्मा की फार्मर रजिस्ट्री बनवाते हुए उन्हें इसके लाभों के बारे में जागरूक किया।
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अधिकारियों को ट्रेनिंग: 22 नामित नोडल अधिकारियों को ऑनलाइन फार्मर रजिस्ट्री करने की प्रक्रिया पीपीटी (PPT) के माध्यम से सिखाई गई।
फार्मर रजिस्ट्री अभियान की मुख्य बातें:
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ड्यूटी का समय: एडीओ (कृषि), एटीएम और बीटीएम प्रतिदिन सुबह 08:00 बजे से कैंप में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे।
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सहयोगी टीम: क्षेत्रीय लेखपाल, ग्राम सचिव और पंचायत सहायक भी कैंप में उपस्थित रहकर किसानों की मदद करेंगे।
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नोडल अधिकारियों की जिम्मेदारी: जिले के सभी विकास खंडों के लिए 22 नोडल अधिकारी नामित किए गए हैं, जो गांवों में भ्रमणशील रहकर शत-प्रतिशत रजिस्ट्री सुनिश्चित कराएंगे।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी परीक्षित खटाना, मुख्य राजस्व अधिकारी संजीव ओझा, उप निदेशक कृषि आशीष कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।






