जौनपुर मेडिकल कॉलेज में हृदय रोग विशेषज्ञ की ओपीडी शुरू, मरीजों को बड़ी राहत 4

जन एक्सप्रेस/जौनपुर: उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है। उमानाथ सिंह स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय जौनपुर में अब हृदय रोग विशेषज्ञ (कार्डियोलॉजिस्ट) की ओपीडी सेवाएं शुरू हो गई हैं। इससे जिले के हजारों मरीजों को अब बाहर महंगे निजी अस्पतालों में इलाज कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. आनन्द सिंह ने संभाला कार्यभार
मेडिसिन विभाग के अंतर्गत डीएम कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. आनन्द सिंह ने अपना कार्यभार ग्रहण कर लिया है। उनके आने से मेडिकल कॉलेज में पहली बार नियमित रूप से हृदय रोग विशेषज्ञ की सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
मरीजों को मिलेगा सस्ता और बेहतर इलाज
अब जौनपुर और आसपास के क्षेत्रों के हृदय रोगियों को जांच और इलाज के लिए बड़े शहरों या निजी अस्पतालों का रुख नहीं करना पड़ेगा। सरकारी मेडिकल कॉलेज में ही विशेषज्ञ परामर्श मिलने से समय और पैसे दोनों की बचत होगी।
प्राचार्य ने जताया गर्व
महाविद्यालय के प्रधानाचार्य प्रो. आर.बी. कमल ने इसे जनपद के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि संस्थान लगातार प्रगति कर रहा है और अब कार्डियोलॉजी सेवाओं की शुरुआत से मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।
उन्होंने लोगों से अपील की कि इस सुविधा की जानकारी ज्यादा से ज्यादा मरीजों तक पहुंचाई जाए।
चिकित्सा अधिकारियों की प्रतिक्रिया
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रो. ए.ए. जाफरी ने कहा कि कार्डियोलॉजिस्ट की नियमित उपलब्धता से मरीजों को गुणवत्तापूर्ण और सुगम उपचार मिलेगा।
वहीं चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विनोद कुमार ने बताया कि इससे मेडिसिन विभाग की ओपीडी सेवाएं और मजबूत होंगी और मरीजों को समयबद्ध इलाज मिल सकेगा।
सप्ताह में तीन दिन ओपीडी
डॉ. आनन्द सिंह ने बताया कि वे हर सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को ओपीडी में बैठकर मरीजों का परीक्षण और उपचार करेंगे।
अन्य दिनों में वे महाविद्यालय के शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्यों में योगदान देंगे।
गरीब मरीजों को प्राथमिकता
डॉ. आनन्द सिंह ने कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य जिले के गरीब और जरूरतमंद मरीजों को बेहतर हृदय रोग उपचार उपलब्ध कराना है। वे पूरी निष्ठा के साथ मरीजों की सेवा करेंगे।
कार्यक्रम में रहे मौजूद
इस अवसर पर डॉ. जितेन्द्र कुमार, डॉ. विनोद वर्मा, डॉ. मुदित चौहान, डॉ. ऋषिकेश, डॉ. अक्षय कुमार सहित अन्य चिकित्सक, कर्मचारी और मरीज उपस्थित रहे।






