लखनऊ

दो हजार का नोट बंद होने पर विपक्ष का तंज,

लखनऊ । नोदबंदी के बाद दो हजार के नोट बंद होने वाले निर्णय को लेकर विपक्षी दलों के नेता निशाना साध रहे हैं तो वहीं सत्तादल इसे अर्थव्यवस्था के लिहाज से बेहतर कदम बता रहा है। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा शासन की मनमानी बताया है। उन्होंने कहा कि देश की जनता और अर्थव्यवस्था को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। वहीं उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने इसे अर्थव्यवस्था के लिए बेहतर बताया है।

दो हजार के नोट का प्रयोग बंद किए जाने के निर्णय पर समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से टवीट कर कहा कि कुछ लोगों को अपनी गलती देर से समझ आती है। दो हजार के नोट के मामले में भी ऐसा ही हुआ है लेकिन इसकी सजा इस देश की जनता और अर्थव्यवस्था ने भुगती है। शासन मनमानी से नहीं, समझदारी और ईमानदारी से चलता है।

सपा महासचिव स्वामी प्रसाद मौर्य ने दो हजार के नोट लेनदेन में बंद करने पर कहा कि भाजपा कालेधन वालों की सूची को सार्वजनिक करे। 2000 के नोट शुरू करने का फैसला भाजपा ने ही किया था। सरकार 2000 नोट के जरिये भ्रष्टाचार फैलाया। विपक्ष को नोट बंदी से कोई भी नाराजगी नहीं है। भाजपा ईडी, इनकम टैक्स, सीबीआई का दुरुपयोग कर रही। विपक्ष को डराने और धमकाने का प्रयास किया जा रहा है। विपक्ष भारतीय जनता पार्टी से डरने वाला नहीं है। भाजपा सरकार लगातार अपनी मनमानी कर रही है।

सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव अरविन्द राजभर ने कहा कि चलिए अब 2000 रुपये के भी नोट बंद हो गए हैं, जो लोग रखें हो वह 30 सितंबर तक बैंक में जमा कर दें।

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि नोट बंदी की घोषणा के बाद अब रिजर्व बैंक ने 2000 रुपये के नोट वैध बनाए रखते हुए उनकी वापसी व नये नोट नहीं छापने से काले धन वाले घबड़ायेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भ्रष्टाचार मुक्त भारत बनाने को बड़े और कड़े कदम उठाने का स्वागत करता हूं।

वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि दो हजार का नोट बंद होने से नम्बर दो वालों पर निश्चित रूप से प्रहार है। देश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए यह कदम अच्छा है।

उत्तर प्रदेश सरकार में मत्स्य विभाग के कैबिनेट मंत्री डॉ संजय निषाद ने कहा कि हमारी सरकार के फैसले अच्छे हैं, तभी ब्रिटेन से हम अर्थव्यवस्था में आगे हैं। बैंक में धन आयेगा, तो सर्कुलेशन होगा। जब धन रोटेट होता है तो उससे अर्थव्यवस्था मजबूत होती है। धन एक स्थान पर रुकने से अर्थव्यवस्था को चोट पहुंचती है। हमारे देश की जनता हर फैसले समझने लगी है।

वहीं दो हजार के नोट बंद करने वाले रिजर्व बैंक के निर्णय को लेकर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ब्रजलाल खाबरी सहित सत्तादल से गठबंधन पार्टियों ने कोई भी प्रतिक्रिया नहीं दी है।

आर्थिक मामलों के जानकार एवं चार्टेड अकाउंटेंट अमित अग्रवाल ने बताया कि दो हजार का नोट बंद होना कोई सियासी कारण नहीं है। यह देशहित और अर्थव्यवस्था को देखते हुए लिया गया निर्णय है। इससे पूंजी को जमाकर रखने वालों की चिंताएं जरुर बढ़ेंगी, लेकिन सरकार और रिजर्व बैंक की गाइडलाइन के अनुसार अभी 30 सितम्बर तक इन नोटों को जमा किए जाने की सहूलित दी गई है।

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