देवरिया में 10 ग्राम पंचायत सचिव निलंबित, CAG ऑडिट में ₹6.30 करोड़ की अनियमितता का मामला

जन एक्सप्रेस /देवरिया :- जिले में ग्राम पंचायत स्तर पर सरकारी धन के कथित दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितताओं के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी IAS मधुसूदन हुल्गी ने CAG ऑडिट रिपोर्ट में सामने आई करीब 6 करोड़ 30 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता के मामले में 10 ग्राम पंचायत सचिवों को निलंबित कर दिया है।
प्रशासन की कार्रवाई के बाद संबंधित पंचायत सचिवों की भूमिका को लेकर जांच और विभागीय प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। वहीं, इनमें से एक सचिव पदोन्नति पाकर सहायक विकास अधिकारी (ADO) बन चुका है। उसके खिलाफ भी निलंबन की सिफारिश किए जाने की जानकारी सामने आई है।
आय से अधिक संपत्ति की जांच की सिफारिश
मामले में जिले के CDO IAS राजेश कुमार सिंह की ओर से भी गंभीर वित्तीय जांच की सिफारिश की गई है। सरकारी धन के कथित 8.30 करोड़ रुपये के गबन के मामले में निलंबित सचिवों की आय से अधिक संपत्ति की जांच कराने की सिफारिश की गई है।
प्रशासन का फोकस अब यह पता लगाने पर है कि सरकारी धन से जुड़ी अनियमितताओं में किन-किन लोगों की भूमिका रही और संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों की संपत्ति उनकी ज्ञात आय के अनुरूप है या नहीं।
CAG ऑडिट के बाद कार्रवाई
CAG ऑडिट में सामने आई वित्तीय अनियमितताओं के बाद प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई से पंचायत विभाग में हड़कंप की स्थिति है। निलंबन के साथ-साथ संपत्ति और वित्तीय लेनदेन से जुड़ी जांच आगे बढ़ने की संभावना है।
अब देखना होगा कि विभागीय जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और सरकारी धन की कथित अनियमितता के मामले में आगे किन लोगों पर कार्रवाई होती है।
नोट: सरकारी धन के गबन और घोटाले से जुड़े आंकड़े एवं आरोप जांच/प्रशासनिक कार्रवाई के विषय हैं। अंतिम जिम्मेदारी जांच और सक्षम प्राधिकारी के निष्कर्ष के आधार पर तय होगी।






