
जन एक्सप्रेस /नई टिहरी :- प्रस्तावित टिहरी मेडिकल कॉलेज को नई टिहरी से गज्जा क्षेत्र के पिफल्टी में स्थानांतरित किए जाने की चर्चाओं के बीच जिले में विरोध तेज हो गया है। विभिन्न सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों ने इस प्रस्तावित बदलाव का विरोध करते हुए सरकार से मेडिकल कॉलेज को नई टिहरी में ही स्थापित करने की मांग की है।
मंगलवार को टिहरी मेडिकल कॉलेज संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले बड़ी संख्या में लोगों ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। इसके बाद जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल के माध्यम से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने फरवरी 2022 में टिहरी दौरे के दौरान नई टिहरी में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की घोषणा की थी। इससे पहले वर्ष 2012 में तत्कालीन मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने भी नई टिहरी में मेडिकल कॉलेज खोलने की घोषणा की थी।
समिति का कहना है कि वर्ष 2022-23 से नई टिहरी के इणियां क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी थी और शासन के निर्देशों के तहत टीएचडीसी द्वारा प्रारंभिक कार्यवाही भी की गई थी। इसके बावजूद हाल के दिनों में स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल द्वारा नरेंद्रनगर विधानसभा क्षेत्र के पिफल्टी में मेडिकल कॉलेज बनाए जाने की चर्चाओं से स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ गई है।
वक्ताओं ने कहा कि दो-दो मुख्यमंत्रियों की घोषणाओं और निर्माण प्रक्रिया शुरू होने के बावजूद मेडिकल कॉलेज को अन्य स्थान पर ले जाना टिहरी की जनता के साथ अन्याय होगा। उन्होंने सरकार से नई टिहरी में ही मेडिकल कॉलेज निर्माण के निर्णय को बरकरार रखने और किसी भी स्थानांतरण की प्रक्रिया को तत्काल निरस्त करने की मांग की।
संघर्ष समिति ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस मामले में पुनर्विचार नहीं किया तो 31 जुलाई को नई टिहरी में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद 16 अगस्त से चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा।
प्रदर्शन में समिति के अध्यक्ष राकेश भूषण गोदियाल, पालिकाध्यक्ष मोहन सिंह रावत, सुंदर लाल उनियाल, भगवान सिंह रावत, शिव सिंह सजवाण, रमेश रतूड़ी, देवेंद्र नौडियाल, अनसूया नौटिया, विद्या नेगी, कुलदीप पंवार, लखवीर चौहान, कमल सिंह सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।






