अयोध्या-फैजाबाद कचहरी की सुरक्षा को लेकर अधिवक्ताओं का विरोध, सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद बनाने की मांग
अधिवक्ताओं ने कहा- “सभी की जांच हो, अमीर-गरीब का भेदभाव नहीं” सुरक्षा की लापरवाही पर सवाल उठाते हुए अधिकारियों से कार्रवाई की अपील

जन एक्सप्रेस अयोध्या।अयोध्या-फैजाबाद कचहरी की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अधिवक्ताओं ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। वरिष्ठ वकीलों और कचहरी कर्मचारियों ने कहा कि कचहरी परिसर में सुरक्षा को पूरी तरह से चाक-चौबंद किया जाना चाहिए। उनका मानना है कि यहां सभी को एक समान सुरक्षा मिलनी चाहिए, चाहे वह आम आदमी हो या कोई प्रभावशाली व्यक्ति।अधिवक्ताओं ने सुरक्षा व्यवस्था में भेदभाव की समस्या पर जोर देते हुए कहा कि जब एक गरीब व्यक्ति अपनी रोटी लेकर कचहरी आता है, तो उसकी तलाशी ली जाती है, लेकिन वहीं अगर कोई उच्च वर्ग का व्यक्ति आता है तो उसकी कोई जांच नहीं की जाती। कचहरी में बम धमाके की घटनाओं की ओर इशारा करते हुए अधिवक्ताओं ने प्रशासन से उचित कदम उठाने की मांग की है।
अधिवक्ताओं ने सुरक्षा सुधारने की उठाई आवाज
कचहरी में सुरक्षा व्यवस्था की कमी को लेकर अधिवक्ता अजय वर्मा ने कहा कि यदि उन्हें महामंत्री के पद पर चुना जाता है, तो उनका पहला कदम कचहरी की सुरक्षा व्यवस्था को सुधारना होगा। उन्होंने उदाहरण के तौर पर बताया कि कचहरी परिसर में अधिकारियों और नेताओं की गाड़ियों को बिना किसी जांच के अंदर जाने दिया जाता है, जिससे सुरक्षा में भारी चूक होती है।वरिष्ठ अधिवक्ता केके सिंह ने कहा कि कचहरी परिसर में सुरक्षा का स्तर ऊंचा नहीं है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि एक गरीब व्यक्ति को गेट पर उसकी थैली और झोला तक हिलाकर जांचा जाता है, जबकि सुसज्जित व्यक्तियों की जांच नहीं होती। उनका कहना था कि यदि कचहरी में कोई बड़ी दुर्घटना होती है, जैसे कि चांदनी चौक पर हुआ हादसा, तो परिणाम बहुत भयावह हो सकते हैं।
प्रधानमंत्री की यात्रा के मद्देनज़र सुरक्षा पर उठे सवाल
अधिवक्ता तिवारी जी ने भी कचहरी की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाया और कहा कि पहले यहां आतंकवादी घटनाओं का सामना किया गया है, जब असलहा बरामद किया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि कचहरी परिसर की सुरक्षा को एसटीएफ और पुलिस द्वारा और कड़ा किया जाए।हालांकि, अयोध्या की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन का कहना है कि प्रधानमंत्री का कार्यक्रम और अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं के चलते सुरक्षा चाक-चौबंद की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि अयोध्या में सुरक्षा व्यवस्था पहले से कहीं ज्यादा मजबूत है, और यहां परिंदा भी पर नहीं मार सकता।
अधिवक्ताओं की सुरक्षा पर जोर
अधिवक्ताओं ने जिला प्रशासन से अपील की है कि कचहरी परिसर की सुरक्षा को सख्त किया जाए और सभी को एक समान सुरक्षा का अधिकार मिले। उन्होंने यह भी कहा कि अयोध्या का सौंदर्यीकरण और विकास हो रहा है, जिससे पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी और कचहरी परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को इस बढ़े हुए दबाव के साथ और मजबूत करना जरूरी है।अधिवक्ताओं का कहना है कि यह अयोध्या का सौभाग्य है कि यहां प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में विकास कार्य हो रहे हैं, लेकिन इसके साथ ही कचहरी की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए ताकि भविष्य में कोई अप्रिय घटना न हो।






