संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालय में नियुक्ति प्रक्रिया पर उठे सवाल
वैधानिक साक्षात्कार के बीच दलाली और अवैध उगाही के आरोप, जांच की उठी मांग

जन एक्सप्रेस/बांदा।संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय से संबद्ध शिव प्रसन्न संस्कृत महाविद्यालय, साथी (बांदा) में प्रवक्ता एवं सहायक प्रवक्ता पदों पर चल रही नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्राप्त शिकायतों के अनुसार वैधानिक साक्षात्कार प्रक्रिया के दौरान कथित रूप से कुछ व्यक्तियों द्वारा अभ्यर्थियों से भारी धनराशि वसूले जाने के आरोप लगाए गए हैं।शिकायतकर्ताओं का दावा है कि प्रति अभ्यर्थी लगभग 40 लाख रुपये तक की अवैध उगाही की चर्चा क्षेत्र में चल रही है। आरोप यह भी है कि कुछ बाहरी व्यक्तियों और शिक्षण संस्थानों से जुड़े लोगों की संदिग्ध गतिविधियां साक्षात्कार के दौरान देखी गईं।बताया जा रहा है कि 23 जनवरी 2026 को साक्षात्कार के दौरान परिसर में सीसीटीवी कैमरों की समुचित व्यवस्था नहीं थी। शिकायतकर्ताओं ने मांग की है कि उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज की जांच कराई जाए तथा पूरी चयन प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए।स्थानीय अभ्यर्थियों और सामाजिक संगठनों ने विश्वविद्यालय प्रशासन, जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग से मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है, ताकि यदि कोई अनियमितता हुई हो तो दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जा सके और चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता बनी रहे।इस संबंध में संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, किंतु समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी है।






