चित्रकूट में स्वच्छ भारत मिशन पर उठे सवाल: खजुरिहा कला गांव में गंदगी का अंबार, जिम्मेदार बेपरवाह
चित्रकूट के खजुरिहा कला गांव में स्वच्छ भारत मिशन की जमीनी हकीकत सामने आई है, जहां सफाई व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त है।

जन एक्सप्रेस।/चित्रकूट
जिले में स्वच्छ भारत मिशन की स्थिति को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। रामनगर विकासखंड के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत खजुरिहा कला में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। सरकार जहां एक ओर देशभर में स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए अभियान चला रही है, वहीं इस गांव की जमीनी हकीकत इसके उलट तस्वीर पेश कर रही है।
खजुरिहा कला गांव में हर तरफ गंदगी का अंबार लगा हुआ है। मुख्य सड़कों से लेकर अंदरूनी मजरों तक कूड़े के ढेर जमा हैं। इन कूड़ों से उठने वाली दुर्गंध ने गांव के वातावरण को दूषित कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि यहां रहना मुश्किल होता जा रहा है।
गंदगी के कारण गांव में बीमारियों का खतरा भी लगातार बढ़ता जा रहा है। बच्चों, बुजुर्गों और युवाओं के स्वास्थ्य पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। मच्छरों और कीटाणुओं के पनपने से संक्रमण फैलने की आशंका बनी हुई है, जिससे ग्रामीणों में डर और असंतोष का माहौल है।
ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत में नियुक्त सफाईकर्मी लंबे समय से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन नहीं कर रहा है। नियमित सफाई न होने के कारण हालात दिन-प्रतिदिन बदतर होते जा रहे हैं। कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
इस मामले में ग्रामीणों ने विकास विभाग पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि जिले के अधिकारियों, खासकर जिलाधिकारी पुलकित गर्ग को वास्तविक स्थिति से अवगत नहीं कराया जा रहा है। अधिकारियों को गुमराह कर कागजों में ही सफाई व्यवस्था को दुरुस्त दिखाया जा रहा है, जबकि जमीनी स्तर पर हालात बेहद खराब हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले समय में यह एक बड़ी स्वास्थ्य समस्या का रूप ले सकती है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि गांव में तत्काल प्रभाव से सफाई व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए और लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
इसके अलावा, ग्रामीणों ने यह भी अपील की है कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत चल रहे कार्यों की निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और गांव को गंदगी से निजात मिल सके।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान कब तक किया जाता है। फिलहाल, खजुरिहा कला गांव की यह तस्वीर स्वच्छ भारत मिशन की जमीनी सच्चाई को उजागर कर रही है।






