जौनपुर के राजू मोदनवाल बने डिप्टी एसपी: मिठाई बेचने वाले के बेटे ने रचा इतिहास
जौनपुर के चंदवक क्षेत्र के राजू मोदनवाल ने यूपीपीएससी में 11वीं रैंक हासिल कर डिप्टी एसपी बनकर मिसाल पेश की है।

जन एक्सप्रेस /जौनपुर
जौनपुर जिले के चंदवक क्षेत्र से एक ऐसी प्रेरणादायक कहानी सामने आई है, जो हर उस युवा के लिए मिसाल है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखता है। खुज्झी मोड़ निवासी राजू मोदनवाल ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) परीक्षा में 11वीं रैंक हासिल कर डिप्टी एसपी बनकर अपने परिवार और पूरे जिले का नाम रोशन कर दिया है।
राजू का परिवार साधारण पृष्ठभूमि से आता है। उनके पिता सूरज मोदनवाल खुज्झी मोड़ पर एक छोटी सी मिठाई की दुकान चलाते हैं। आर्थिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने अपने बेटे की पढ़ाई में कभी कोई कमी नहीं आने दी। यही कारण है कि राजू ने भी अपने माता-पिता के संघर्ष को समझा और पढ़ाई को ही अपना लक्ष्य बना लिया।
राजू की शुरुआती शिक्षा श्री कुबेर सिंह माध्यमिक विद्यालय, खुज्झी से हुई। इसके बाद उन्होंने सुमित्रा शिक्षा इंटर कॉलेज, बजरंगनगर से इंटरमीडिएट पूरा किया। पढ़ाई में अच्छे प्रदर्शन के चलते उन्होंने आगे गणेश राय पीजी कॉलेज में बीएससी में प्रवेश लिया, लेकिन बेहतर अवसरों की तलाश में दिल्ली विश्वविद्यालय से संबद्ध हंसराज कॉलेज में दाखिला लेकर अपनी स्नातक की पढ़ाई पूरी की।
दिल्ली में रहकर उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू की। उनका सपना IAS अधिकारी बनने का था। उन्होंने दो बार सिविल सेवा की लिखित परीक्षा पास की, लेकिन इंटरव्यू में असफल हो गए। यह समय उनके लिए बेहद कठिन था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। लगातार असफलताओं के बावजूद उनका आत्मविश्वास डगमगाया नहीं।
राजू ने अपनी रणनीति बदली और पूरी मेहनत के साथ यूपीपीएससी परीक्षा की तैयारी शुरू की। उनकी मेहनत रंग लाई और उन्होंने 11वीं रैंक हासिल कर डिप्टी एसपी का पद प्राप्त किया। यह सफलता न सिर्फ उनकी मेहनत का परिणाम है, बल्कि उनके परिवार के त्याग और सहयोग का भी फल है।
राजू ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, चाचा और पड़ोसियों को दिया है, जिन्होंने हर मुश्किल वक्त में उनका साथ दिया। उनकी इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है और उनके घर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।
राजू मोदनवाल की यह कहानी उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो कठिन परिस्थितियों में भी अपने सपनों को पूरा करने की कोशिश कर रहे हैं। यह सफलता यह संदेश देती है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो, मेहनत सच्ची हो और इरादे मजबूत हों, तो कोई भी बाधा सफलता के रास्ते में रुकावट नहीं बन सकती।






