जौनपुर के बलुआ गांव में खुलेआम अवैध खनन, नाबालिग चला रहे ट्रैक्टर, प्रशासन की चुप्पी पर सवाल

जन एक्सप्रेस/जौनपुर: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अवैध खनन पर सख्त प्रतिबंध और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद जौनपुर जिले के जलालपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सभा बलुआ में खुलेआम अवैध खनन का खेल जारी है। हैरानी की बात यह है कि यह खनन न केवल बिना किसी वैध अनुमति के किया जा रहा है, बल्कि इसमें नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए नाबालिग बच्चों से ट्रैक्टर चलवाए जा रहे हैं और ओवरलोड ट्रालियों का संचालन किया जा रहा है।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार बलुआ गांव के आसपास बीते कई दिनों से दिन-रात मिट्टी का अवैध खनन किया जा रहा है। खनन माफिया बिना किसी खनन पट्टा या प्रशासनिक स्वीकृति के सरकारी व निजी भूमि से मिट्टी निकाल रहे हैं। ट्रैक्टर-ट्रालियों को क्षमता से कई गुना अधिक लोड किया जा रहा है, जिससे सड़कें क्षतिग्रस्त हो रही हैं और आमजन की जान को गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है।
सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि इन ट्रैक्टरों को नाबालिग बच्चे चला रहे हैं, जिनके पास न तो ड्राइविंग लाइसेंस है और न ही यातायात नियमों की जानकारी। ग्रामीणों का कहना है कि कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है, लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग आंख मूंदे बैठे हैं।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश भर में अवैध खनन के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने के निर्देश दिए हैं। वहीं, जिला अधिकारी जौनपुर भी समय-समय पर स्पष्ट आदेश जारी करते रहे हैं कि जिले में किसी भी प्रकार का अवैध खनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके बावजूद बलुआ गांव में जिस तरह से खनन माफिया बेखौफ होकर काम कर रहे हैं, वह प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
ग्रामीणों का आरोप है कि जब इस अवैध खनन की जानकारी स्थानीय स्तर पर अधिकारियों को दी गई, तो कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे यह आशंका और भी गहराती जा रही है कि कहीं न कहीं इस पूरे अवैध कारोबार को किसी का संरक्षण प्राप्त है। अब सवाल यह उठता है कि आखिर किसके इशारे पर यह अवैध खनन किया जा रहा है?
यदि भविष्य में किसी प्रकार की दुर्घटना होती है, किसी नाबालिग की जान जाती है या किसी आम नागरिक को नुकसान पहुंचता है, तो इसकी जिम्मेदारी किस अधिकारी की होगी? क्या तब भी सिर्फ जांच के आदेश देकर मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा?
बलुआ गांव के लोगों ने जिला प्रशासन और पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि तत्काल मौके पर पहुंचकर अवैध खनन को रोका जाए, ट्रैक्टर-ट्रालियों को सीज किया जाए और नाबालिगों से वाहन चलवाने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही यह भी जांच हो कि अब तक इस अवैध गतिविधि पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
अब देखने वाली बात यह होगी कि जिला प्रशासन इस गंभीर मामले को कितनी गंभीरता से लेता है, या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह फाइलों में ही दबकर रह जाएगा।






