
जन एक्सप्रेस/चमोली(उत्तराखण्ड) : चमोली जिले के ज्योतिर्मठ में निहंग श्रद्धालुओं द्वारा उत्पात मचाने और धारदार हथियारों से हमला करने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उनके पास से फरसे, कुल्हाड़ी, भाले और तलवार सहित आठ धारदार हथियार बरामद किए गए हैं। न्यायालय ने सभी आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
स्कूटी हटाने पर शुरू हुआ बवाल, 10 से अधिक लोग घायल
घटना सोमवार की है, जब जाम के दौरान स्कूटी हटाने की बात पर विवाद इतना बढ़ा कि पंजाब से आए निहंग श्रद्धालुओं ने सड़क पर मौजूद आम नागरिकों—जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे—के साथ मारपीट शुरू कर दी। इस हमले में 10 से अधिक लोग घायल हो गए।
कोतवाली में भी हमला, एसएसआई को लगे पांच टांके
मामला कोतवाली तक पहुंचा तो वहां भी निहंगों ने हुड़दंग मचाया। आरोपियों ने धारदार हथियार से ज्योतिर्मठ कोतवाली के एसएसआई देवेंद्र पंत पर हमला कर उन्हें लहूलुहान कर दिया। सिर में गंभीर चोट लगने के कारण उन्हें पांच टांके लगाने पड़े।
पुलिस ने की त्वरित कार्रवाई, कैंपर वाहन भी सीज
पुलिस ने हरप्रीत सिंह, अमृतपाल, बिंदर सिंह, गरजा सिंह, हरजोत सिंह और भोला सिंह निवासी बडवाली, खमाणो, जिला फतेहगढ़ साहिब (पंजाब)—को गिरफ्तार कर उनके पास से आठ धारदार हथियार बरामद किए। आरोपियों के कैंपर वाहन को भी सीज कर लिया गया है।
नाबालिग को छोड़ा, CCTV से जुटाए जा रहे सबूत
कोतवाल देवेंद्र रावत के अनुसार, आरोपियों के साथ मौजूद एक नाबालिग की संलिप्तता नहीं पाई गई, इसलिए उसे परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस द्वारा घटना की जांच हेतु CCTV फुटेज का भी विश्लेषण किया जा रहा है।
यात्रा वाहनों की सघन चेकिंग शुरू, हथियार लेकर चलने वालों पर नजर
घटना के बाद पुलिस ने यात्रा मार्गों पर वाहनों की सघन जांच शुरू कर दी है। राज्य में धार्मिक या निजी यात्रा के दौरान धारदार हथियारों के प्रयोग या परिवहन पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। पुलिस अब ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की तैयारी में है।






