वीरो की भूमि हाथरस के बिसावर गांव में गोकुला जाट का मनाया गया बलिदान दिवस

जन एक्सप्रेस/हाथरस: वीर गोकुला जाट की प्रतिमा से लेकर बिसावर पँचायत के सभी गाँवो में निकाली गई शौर्य यात्रा एक दर्जन से अधिक दो पहिया व चौपहिया वाहन और सेकड़ो लोग रहे मौजूद गुरुवार को अमर शहीद वीर गोकुला जाट का बलिदान दिवस सादगी से मनाया गया। सभी ने वीर गोकुला जाट के बलिदान को याद कर उन्हें नमन किया।
शहीद गोकुला जाट की शौर्य रैली निकाली गई गोकुला जाट के बारे मे इतिहास में लिखा हुआ है मुगलों की नाक में दम करने वाले केवल गोकुला जाट ही थे वीर गोकुला जाट ने औरंगजेब से लोहा लिया था। सन 1666 के निकट दिल्ली औए आसपास इलाकों में औरंगजेब का आतंक था। हिंदुओं को इस्लाम कबूल कराना, हिंदू महिलाओं का अपहरण, हत्या के अलावा मंदिरों को गिराकर मस्जिदों का निर्माण बड़े पैमाने पर कराया ज छावनी से गांव सिहोरा किया गया। तब वीर गोकुला ने मुगल सेना से लोहा लिया और जाटों की फौज बनाकर उ।बाद में औरंगजेब को दिल्ली से मथुरा आना पड़ा। उस समय औरंगजेब ने वीर गोकुला कई रियासत सौंपने का प्रस्ताव भेजा था, जिसे उन्होंने ठुकरा दिया। सन 1670 में 7000 किसानों के साथ व बनाकर उनकी हत्या कर दी गई, इसलिए गोकुला जाट को वीर गोकुला जाट के नाम से जाना जाता है। जाट का बिसावर के रहने वाले थे वीर गोकुला जाट की भूमि पर आज तक उनकी प्रतिमा बिसावर में स्थापित करा दी गई अभी उसका अनावरण बाकी है






