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श्रीरामलला सदन अयोध्या पीठाधीश्वर स्वामी राघवाचार्य लखनऊ में कर रहे हैं अमृत वर्षा

मोती महल लॉन में श्रीराम कथा का चौथा दिन

जन एक्सप्रेस/ लखनऊ: राजधानी के मोती महल लॉन में चल रही श्रीराम कथा के चौथे दिन, श्री रामलला सदन अयोध्या पीठाधीश्वर स्वामी राघवाचार्य जी महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भगवान के दर्शन दुर्लभ नहीं, बल्कि भगवान के दर्शन की लालसा दुर्लभ है। जब हमारी लालसा भगवान के लिए रोने लगती है, तब उनकी कृपा बरसती है। गोपियों के उदाहरण से उन्होंने समझाया कि जब गोपियों में दर्शन की लालसा ने रुदन का रूप लिया, तो भगवान ने उनके साथ रास रचाया।

यज्ञ का महत्व और भगवान का स्वरूप

स्वामी राघवाचार्य जी ने यज्ञ के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भगवान यज्ञ के रक्षक भी हैं और विनाशक भी। उन्होंने बताया कि भगवान एक ओर विश्वामित्र द्वारा कराए जा रहे यज्ञों की रक्षा करते हैं, तो दूसरी ओर रावण और मेघनाद के तामसिक यज्ञों का विनाश करते हैं। उन्होंने कहा, “भगवान यज्ञपति, यजमान, यज्ञ के अंग, और यज्ञ के वाहक हैं। वे यज्ञ के भोक्ता और यज्ञ के साधन दोनों हैं। प्रजापिता ब्रह्मा ने यज्ञ के साथ प्रजा का निर्माण किया था।”

सत्य, धर्म और संतों का महत्व

स्वामी जी ने कहा, “राम उसी के पास रहते हैं, जिसके जीवन में सत्य और धर्म है। वस्तुतः राम ही सत्य हैं और सत्यनारायण हैं।” उन्होंने संतों को धरती की विशेष विभूति बताते हुए कहा कि संतों के चरणों में तीर्थ निवास करते हैं। उन्होंने संत समाज से आग्रह किया कि वे आम जनमानस का सशक्त मार्गदर्शन करें।

विशेष आयोजन और अन्य संतों का आशीर्वचन

कथा संयोजक डॉ. सप्तर्षि मिश्र ने बताया कि 2 जनवरी को कथास्थल पर एक विशाल संत सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। आज की कथा में अयोध्याधाम से पधारे जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी श्री ओम प्रपन्नाचार्य जी महाराज ने भी श्रोताओं को अपने आशीर्वचन दिए।

विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति

आज की कथा में धनंजय सिंह (पूर्व सांसद), आदेश सिंह (एडवोकेट), और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने व्यास पूजन किया। पूर्व उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा समेत श्याम बिहारी गुप्ता (अध्यक्ष, गौ सेवा आयोग), पंकज तिवारी (कांग्रेस जिला अध्यक्ष, रायबरेली), और कई अन्य विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे।

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