उत्तर प्रदेशचित्रकूट

जमीयत उलेमा जिला चित्रकूट का चुनाव शांतिपूर्ण माहौल में सम्पन्न

मुफ्ती इरफान खान साक़बी बने जिला अध्यक्ष, हाफिज गुफरान खान महासचिव चुने गए

जन एक्सप्रेस चित्रकूट (कर्वी)। जमीयत उलेमा-ए-हिंद, जिला चित्रकूट की चुनावी बैठक मदरसा मिस्बाह उल उलूम, कर्वी में सम्पन्न हुई। यह बैठक सद्भावना और पारदर्शिता के वातावरण में आयोजित की गई, जिसमें जिले भर से आए सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।कार्यक्रम की शुरुआत कलामुल्लाह शरीफ से हुई। कारी गुफरान साहब ने पवित्र कुरान की तिलावत की और अत्यंत प्रभावशाली अंदाज़ में नात शरीफ पेश की। तत्पश्चात, मुफ्ती इरफान खान साक़बी ने सभा को संबोधित किया।मुफ्ती साहब ने कहा कि जमीयत उलेमा-ए-हिंद की स्थापना से ही यह संगठन भारत के मुसलमानों के धार्मिक, सामाजिक और राष्ट्रीय मुद्दों को लेकर अग्रणी भूमिका निभाता आ रहा है।
उन्होंने असम और पंजाब की घटनाओं का उदाहरण देते हुए बताया कि जमीयत हमेशा ज़रूरतमंदों के साथ खड़ी रही है।
उन्होंने इसे “हमारे बुजुर्गों की अमानत” बताते हुए इसके संरक्षण की अपील की।

चुनाव प्रक्रिया: निष्पक्षता की मिसाल

चुनाव की अध्यक्षता मरकज़ कजियाना के इमाम हाफिज मुजीब खान ने की, और चुनाव प्रक्रिया की निगरानी की जिम्मेदारी निभाई कारी अब्दुल मोईद साहब, नाज़िम व तंजीम, जमीयत उलेमा वस्त उत्तर प्रदेश ने।
पूरी प्रक्रिया स्वच्छ, निष्पक्ष और लोकतांत्रिक तरीके से सम्पन्न हुई, जिसमें अधिकांश सक्रिय सदस्यों ने भाग लिया।

चुनाव परिणाम इस प्रकार रहे:

जिला अध्यक्ष: मुफ्ती इरफान खान साक़बी

महासचिव: हाफिज गुफरान खान साहब

उपाध्यक्ष: हाफिज मोहम्मद हसन साहब एवं ज़ामीन साहब

कोषाध्यक्ष: जनाब मोहम्मद इमरान खान साहब

मौलाना अंसार अहमद जामेई का ऐतिहासिक संबोधन

इस अवसर पर हज़रत मौलाना अंसार अहमद जामेई ने अपने प्रेरणादायक भाषण में जमीयत उलेमा-ए-हिंद के ऐतिहासिक योगदान पर प्रकाश डाला।उन्होंने कहा कि यह संगठन केवल एक धार्मिक संस्था नहीं बल्कि एक आंदोलन है, जिसने स्वतंत्रता संग्राम से लेकर आज तक देश की धार्मिक, शैक्षिक और सामाजिक समस्याओं के समाधान में अहम भूमिका निभाई है।जमीयत ने जब-जब देश को ज़रूरत पड़ी, तब-तब सच्चाई और न्याय की आवाज़ बुलंद की है। इसकी सेवाएं सौ वर्षों से निरंतर जारी हैं, जिसे कोई दूसरा संगठन प्रस्तुत नहीं कर सकता।”उन्होंने यह भी कहा कि इस्लामिक जीवनशैली और भारतीय संविधान के बीच संतुलन बनाए रखने में जमीयत की भूमिका सराहनीय है।बैठक का समापन मौलाना अंसार अहमद साहब की दुआ के साथ हुआ।कार्यक्रम में अनेक गणमान्य लोग, मदरसा शिक्षकगण और समाजसेवी उपस्थित रहे, जिन्होंने संगठन के प्रति अपनी आस्था और प्रतिबद्धता व्यक्त की।जमीयत उलेमा-ए-हिंद, जिला चित्रकूट का यह चुनाव न केवल संगठनात्मक मजबूती का प्रतीक है, बल्कि यह इस बात का संकेत भी है कि मुस्लिम समाज अपनी धार्मिक और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति सजग और संगठित है।नव-निर्वाचित पदाधिकारियों से बड़ी उम्मीदें हैं कि वे आने वाले समय में समाज के हित में प्रभावशाली कार्य करेंगे।

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