स्टाम्प विक्रेता से लूट की घटना का खुलासा
1 अभियुक्त गिरफ्तार, कब्जे गाड़ी और 10 लाख से अधिक रुपये नगद बरामद

जन एक्सप्रेस/गाजियाबाद : थाना टीला मोड़ अंतर्गत स्टाम्प विक्रेता के साथ हुई लाखों की लूट का पुलिस ने खुलासा किया है। गाजियाबाद पुलिस द्वारा अपनी कार्यवाही में बड़ी सफलता अर्जित करते हुए बदमाशों की टीम को गिरफ्तार किया है। अलग अलग टीम के द्वारा मामले में पुलिस टीम ने सफलता अर्जित किया है।
गिरफ्तार अभियुक्त दीपक पुत्र कमल सिंह से पूछताछ करने पर यह तथ्य प्रकाश में आया कि अभियुक्त दीपक, अंकित, कार्तिक और फरार अभियुक्त राजेश घटना में संलिप्त चारों अभियुक्त आपस में दोस्त है । जिसमें से कार्तिक तहसील लोनी में एडवोकेट हैप्पी बंसल के पास मुंशी का काम करता है। आरोपी अभियुक्त और उसके दोस्तों को लोगों को पैसे की आवश्यकता पड़ी तो कार्तिक ने उन्हें बताया कि तहसील लोनी में ही स्टाम्प विक्रेता विशाल गुप्ता का काफी अच्छा काम है, जो शाम को काफी मोटा पैसा लेकर अपनी चार पहिया कार से गाजियाबाद अपने घर जाता है। चारों अभियुक्तों ने तहसील लोनी के स्टाम्प विक्रेता विशाल गुप्ता को लूटने की योजना बनायी । रेकी का काम कार्तिक को सौंपा गया। जिसके बाद कई दिन तक राजेश, दीपक तथा अंकित तहसील लोनी में अंकित की बिना नम्बर की काली स्कार्पियो से स्टाम्प विक्रेता का पीछा करके रेकी किया। जब अभियुक्तों यह विश्वास हो गया कि विशाल गुप्ता का काम काफी अच्छा है। उसके पास काफी मोटा पैसा मिलेगा तो अभियुक्तों ने अपनी योजना को अमल कर दिया और दिनांक 10 जून 2025 को विशाल गुप्ता को लूटने की योजना बनी। इस काम के लिए अभियुक्तों को एक गाड़ी की आवश्यकता थी। जिसके बाद कार्तिक व राजेश ने गाडी का इन्तजाम करने की जिम्मेदारी दीपक को दे दी। योजनानुसार दीपक ने दिनांक 10 जून 2025 को दोपहर में अपने जानने वाले राहुल पुत्र फिरेराम निवासी ग्राम शकलपुरा थाना लोनी गाजियाबाद से फोन पर सम्पर्क कर हरिद्वार जाने के लिए शाम तक के लिए गाडी मांगी राहुल ने हां कर दी तो दीपक तथा अंकित ग्राम शकलपुरा से राहुल की बलैनो कार ले आये और इसी बलैनो कार से तहसील लोनी गये। राजेश व कार्तिक दोनों अभियुक्तों को वही पर मिले चारों अभियुक्त गाड़ी खड़ी करके विशाल गुप्ता के निकलने का इंतजार करने लगे। विशाल गुप्ता जैसे ही घर के लिए निकला ही कार्तिक ने बलैनो कार से विशाल गुप्ता की वैग्नार कार का पीछा किया तथा मौका लगने पर चारों अभियुक्तों ने शाम के समय आक्सीहोम सोसायटी के सामने विशाल गुप्ता की कार के आगे अपनी कार लगा दी। कार को अंकित चला रहा था। दीपक तथा राजेश गाडी से नीचे उतरे कार में विशाल गुप्ता के साथ उनके यहां काम करने वाले पप्पू व प्रीति भी थे। राजेश के हाथ में पिस्टल व फावडे का बैट तथा दीपक के हाथ मे तमंचा था राजेश ने बैट से विशाल गुप्ता की कार के शीशा तोड़ दिया और दीपक ने विशाल गुप्ता की कनपटी पर तमंचा रख दिया । राजेश ने पिछली सीट पर बैठी प्रीति को पिस्टल दिखाकर कार की पिछली सीट से एक मयूर जग व एक लैपटाप बैग तथा एक बैग लूट कर बलैनो कार से ही भाग गये थे। चारों अभियुक्तों ने लूटे हुए पैसों को आपस में बाँट लिया। जिसमें दीपक को 3 लाख 70 हजार रूपये मिले । फावडे का बैट, मयूर जग व लंच बाक्स को अभियुक्तों ने जंगल की झाडियों में फेंक दिया तथा लैपटाप को तोड़कर मिले कागजों सहित जला दिया। बलैनो कार टूट जाने के कारण दीपक ने अपना फोन बन्द कर दिया ताकि राहुल को इसकी जानकारी न हो । पिस्टल अंकित का था व तंमचा कार्तिक का था । अभियुक्तों ने बलैनो को सही कराने के लिए मेरठ किसी मिस्त्री के यहां पर छोड़कर तथा स्कार्पियो से दीपक, अंकित व कार्तिक वही से जयपुर की तरफ जाने की बात हुई । दीपक बलैनो कार को मेरठ छोड़ने जा रहा था कि पुलिस जांच में पकडा गया और दीपक के पास से बलैनो कार व स्टाम्प विक्रेता से लूट के बचे हुए 2, लाख 60 हजार रूपये बरामद हुए । घटना में पुलिस को अब तक 10 लाख 10 हजार रुपये बरामद किये गये है ।






