भारत-नेपाल सीमा से सटे ठूठीबारी नगर का मुख्य चौराहा कूड़े से पटा

जन एक्सप्रेस/महराजगंज: ठूठीबारी नगर का मुख्य चौराहा इन दिनों कूड़े के अंबार से पटा पड़ा है। भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे इस अति महत्वपूर्ण कस्बे की पहचान जहां चहल-पहल और व्यापारिक गतिविधियों से होती है। ऐसे में जिम्मेदारो की उदाशीनता से अब बदबू और गंदगी ने उसकी तस्वीर बिगाड़ दी है। यही हाल धरमौली के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के समीप कूड़े की ढेर ने इलाज के लिए भर्ती मरीजों और उनके तीमारदारों को मजबूरी में इसी बदहाल माहौल में रहना पड़ रहा है, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है।
निचलौल ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत ठूठीबारी नगर में रोजाना सैकड़ों लोगों की आवाजाही रहती है। सीमा पार यानी नेपाल राष्ट्र से आने-जाने वाले यात्रियों, पर्यटकों और व्यापारियों के लिए चनने चौराहा पहला पड़ाव माना जाता है। लेकिन जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते यहां कूड़े का स्थायी डेरा जम गया है। नगर व्यापार मंडल अध्यक्ष अजय जयसवाल का कहना है कि कई दिनों से सफाई नहीं कराई गई। कूड़े के ढेर से उठ रही दुर्गंध के कारण दुकानदारों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि चौराहे पर चलना तक दूभर हो गया है। ग्रामीण कन्हैया विश्वकर्मा, गुड्डू मिर्जा, राजू कसौधन, हरिओम जायसवाल का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद न तो नियमित सफाई हो रही है और न ही कूड़ा निस्तारण की कोई स्थायी व्यवस्था बनाई गई है।
ऐसे सवाल उठता है कि सीमा से सटे इस महत्वपूर्ण क्षेत्र की अनदेखी आखिर कब तक होती रहेगी? यदि शीघ्र ही सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो यह समस्या जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी कब तक आंख मूंदे रहते हैं और कब ठूठीबारी के मुख्य चौराहे को कूड़े के ढेर से मुक्ति मिलती है।इस संबंध में निचलौल एडीओ पंचायत विनय पाण्डेय ने बताया कि ठूठीबारी में कूड़ा जमा होने की जानकारी मिली है। सरकारी सफाई कर्मियों का ईटहिया मंदिर में ड्यूटी लगी है, अब कल सफाई कर्मियों को भेजकर साफ-सफाई कराने के निर्देश दे दिए गए हैं।






