फर्जी एडीएम बनकर संस्कृत विद्यालय से मांगा रिकॉर्ड, मामला पहुंचा थाने
प्रधानाचार्य ने दी तहरीर, बांदा डीआईओएस कार्यालय का लिपिक निकला आरोपी

जन एक्सप्रेस चरखारी (महोबा): गुमान बिहारी संस्कृत विद्यालय, चरखारी के प्रधानाचार्य व संस्कृत शिक्षक कल्याण परिषद के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सुखनंदन मिश्र से एक फर्जी एडीएम बनकर विद्यालय के शिक्षकों की नियुक्तियों से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज मांगने का मामला सामने आया है। यह गंभीर प्रकरण फर्जीवाड़े व जालसाजी से जुड़ा हुआ है, जिसमें पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और आरोपी की पहचान हो चुकी है।
फोन पर दी गई धमकी, व्हाट्सएप पर रिकॉर्ड भेजने का दबाव बनाया गया
डॉ. मिश्र ने थाने में दी गई तहरीर में बताया कि 6 अगस्त की शाम 6:45 बजे, मोबाइल नंबर 8953771268 से एक कॉल आया। कॉल करने वाला खुद को महोबा का एडीएम बताकर स्कूल के शिक्षकों की नियुक्ति से संबंधित अभिलेखों को तत्काल व्हाट्सएप पर भेजने का दबाव बना रहा था।भाषा और व्यवहार संदिग्ध लगने पर डॉ. मिश्र ने कॉल डिटेल और डाटा खंगाला तो आरोपी की पहचान जीतेन्द्र कुमार श्रीवास्तव के रूप में हुई, जो जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय, बांदा में लिपिक के पद पर कार्यरत है।
साजिश में शामिल हैं बर्खास्त शिक्षक, प्रधानाचार्य ने की तीन लोगों पर FIR की मांग
डॉ. मिश्र ने अपनी शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि इस जालसाजी के पीछे महोबा जनपद के एक बर्खास्त प्रधानाचार्य और एक बर्खास्त प्रवक्ता की साजिश है। उन्होंने तीनों व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस जांच में जुटी, जल्द होगी कार्रवाई
थाना चरखारी पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही आरोपियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।






