बाईस साल पहले गौकशी के मांस को बेचने जाने वाले तीन गुनाहगारों को पैंतिस दिनों की सजा
2003 में गौकशी के मांस को गाड़ी में लोड करते रंगे हाथों पकड़े गये थे, तीनों मुल्जिम

जन एक्सप्रेस/हमीरपुर : उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में 22 साल पहले गौकशी के मांस को बेचने ले जाते वख्त रंगे हाथों पकड़े गये तीन गुनाहगारों को हमीरपुर की सीजेएम अदालत ने दिये गये अपने फैसले में एक महीने पांच दिन की सजा के साथ ही पन्द्रह सौ रूपये का सुनाया जुर्माना। सहायक अभियोजन अधिकारी ने बताया कि सदर कोतवाली क्षेत्र में 11 अक्टूबर 2003 को खालेपुरा निवासी सईद पुत्र अब्दुल हमीद, जबकि रईस पुत्र मुहम्मद रफीक, वही कालपी चौराहा निवासी रंजीत पुत्र शंकरलाल केवट को सदर कोतवाली पुलिस ने उस वख्त रंगे हाथों पकड़ लिया था, जब तीनों मुल्जिम गौकशी के मांस को बेचने के लिये कानपुर ले जाने के इरादे से मार्शल में लोड कर रहे थे, इस मामले में सदर कोतवाली पुलिस ने तीनों मुल्जिमों के खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या–698/2003 धारा-3/5/8 गौवध निवारण एक्ट के तहत दर्ज किया गया था।
वही आपरेशन कन्विक्शन के तहत
हमीरपुर के चीफ जुडिशियल मजिस्ट्रेट की अदालत ने मामले के मुल्जिम सईद पुत्र अब्दुल हमीद, रईस पुत्र मुहम्मद रफीक सहित रंजीत पुत्र शंकरलाल केवट को गुनाहगार मानते हुये एक महीने पांच दिन की सजा के साथ ही पन्द्रह सौ रूपये का जुर्माना सुनाया गया है। वही इस मामले में खास बात ये रही कि तीनों मुल्जिमों के जेल में बिताये गये एक महीने पांच दिन की सजा को भी
इसमें शामिल किया गया है।






