
जन एक्सप्रेस/हरिद्वार: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से प्रेरित अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत एक ऐसी संगठनात्मक इकाई है, जो ग्राहकों और बच्चों के हितों की रक्षा के लिए निरंतर कार्यरत है। हाल ही में शांतिकुंज में आयोजित संस्था की सभा का मुख्य उद्देश्य ऑस्ट्रेलिया और मलेशिया जैसे देशों की तर्ज पर भारत में भी कम आयु के बच्चों के लिए अनियंत्रित सोशल मीडिया सामग्री (Uncontrolled Social Media Content) पर लगाम लगाने हेतु विचार-मंथन करना था।
यह संगठन विशेष रूप से युवा पीढ़ी को सकारात्मक दिशा देने, उन्हें जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसमें न्याय, मीडिया और राजनीति सहित विभिन्न क्षेत्रों के अनुभवी व दक्ष लोग जुड़े हैं, जो देश के भविष्य को लेकर सजग और प्रतिबद्ध हैं। इसके साथ ही, यह संगठन समाज को सनातन संस्कृति की मूल जड़ों से जोड़ने का कार्य भी कर रहा है।
इस कार्यक्रम में देहरादून, रामनगर, हरिद्वार समेत अनेक जिलों की शाखाओं से जुड़े सक्रिय स्वयंसेवक शामिल रहे।
संगठन के प्रमुख पदाधिकारियों के मुख्य वक्तव्य
बैठक के दौरान संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने देश के भविष्य और बच्चों की सुरक्षा को लेकर अपनी बात रखी:
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नारायण भाई शाह (राष्ट्रीय अध्यक्ष): > “ऑनलाइन गेमिंग पर लगा प्रतिबंध सरकार की एक उचित और सराहनीय पहल है। इस दिशा में हम पिछले तीन वर्षों से प्रयासरत थे। बच्चों के हित में भी एक विशेष प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।”
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जयंत कथीरिया (राष्ट्रीय सचिव): > “भारत सरकार द्वारा पारित कानून का सख्ती से अनुपालन किया जाना चाहिए, जिसमें 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए अश्लील सोशल मीडिया सामग्री पर प्रतिबंध का प्रावधान है। अब समय आ गया है कि इस नियम को कठोरता के साथ लागू किया जाए, ताकि बच्चों का सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य सुनिश्चित हो सके।”
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सुरेश चन्द्र आर्य (रोजगार सृजन प्रमुख): > “अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत की परिकल्पना है कि कम आयु के बच्चों को संस्कारित करने तथा स्वरोजगार के अवसर उत्पन्न करने के लिए सतत प्रयास किए जाएं। जब युवा पीढ़ी सुशिक्षित, सभ्य और संस्कारित बनेगी, तभी राष्ट्र सशक्त और विकसित होगा।”






