संगम में डुबकी लगाकर क्या बोल गए सीएम योगी
प्रयागराज में गंगा-यमुना-सरस्वती के साथ धर्म, न्याय और ज्ञान की भी त्रिवेणी

जन एक्सप्रेस/प्रयागराज।प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को संगम में पवित्र स्नान कर माघ मेले के धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में हिस्सा लिया। संगम नगरी पहुंचने पर कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच मुख्यमंत्री ने विधिवत पूजन-अर्चन किया और साधु-संतों के साथ संवाद किया।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार सुबह लखनऊ से रवाना होकर बमरौली एयरपोर्ट पहुंचे। वहां से सड़क मार्ग द्वारा सुबह 10:25 बजे वीआईपी घाट पहुंचे। वीआईपी घाट से वे स्टीमर के माध्यम से संगम नोज पहुंचे, जहां फ्लोटिंग जेटी पर उनके स्नान के लिए विशेष घाट बनाया गया था।
विधिवत पूजन के बाद हनुमान मंदिर में किए दर्शन
त्रिवेणी संगम में स्नान के बाद मुख्यमंत्री ने विधिवत पूजन-अर्चन किया। इसके बाद सुबह करीब 11:10 बजे वे पुनः वीआईपी घाट लौटे और वहां से सीधे लेटे हनुमान मंदिर पहुंचे। हनुमान जी के दर्शन-पूजन के बाद मुख्यमंत्री ख्वाब चौक स्थित प्रधानमंत्री सतुआ बाबा के आश्रम में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए।
साधु-संतों के सान्निध्य में हुआ कार्यक्रम
आश्रम में आयोजित कार्यक्रम में परमार्थ निकेतन के संस्थापक स्वामी चिदानंद सरस्वती सहित अनेक संत-महात्मा उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री के पहुंचते ही पूरे परिसर में “हर-हर महादेव” के जयघोष गूंज उठे।
संगम केवल नदियों का नहीं, मूल्यों की भी त्रिवेणी
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रयागराज की पहचान केवल गंगा, यमुना और सरस्वती की त्रिवेणी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह धर्म, न्याय और ज्ञान की भी त्रिवेणी है। उन्होंने कहा कि रामानंदाचार्य ने समाज को बांटने के बजाय जोड़ने का कार्य किया और अपने जीवन में इसे करके भी दिखाया। उनका संदेश आज भी समाज को एकजुट करने की प्रेरणा देता है।






