
जन एक्सप्रेस/हरिद्वार।चंद्रप्रकाश बहुगुणा:हरिद्वार में आगामी 26 जनवरी को आयोजित होने वाले जन्मशताब्दी समारोह की तैयारियाँ जोर-शोर से चल रही हैं। इसी क्रम में देशभर में शृंखलाबद्ध 24, 51 एवं 108 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में गोरखपुर के बड़हलगंज क्षेत्र में आयोजित 108 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ में शांतिकुंज महिला मंडल की प्रमुख शैफाली पण्ड्या के नेतृत्व में ब्रह्मवादिनी बहनों की टोली पहुँची। महायज्ञ के दौरान बड़हलगंज क्षेत्र में आस्था, अध्यात्म और नारी शक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। वैदिक मंत्रोच्चार और आहुतियों से वातावरण गायत्री मंत्र के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा।

महायज्ञ में साधकों को संबोधित करते हुए शैफाली पण्ड्या ने कहा कि एक शिक्षित, संस्कारित और जागरूक नारी ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला होती है। नारी सशक्तिकरण के बिना समाज का सर्वांगीण विकास संभव नहीं है। उन्होंने वंदनीया माताजी, अखंड दीप और पूज्य आचार्यश्री की शताब्दी त्रिवेणी को आस्था, तप और साधना का महासंगम बताते हुए समाज में सकारात्मक परिवर्तन का आह्वान किया। उन्होंने समाज में व्याप्त कुरीतियों के उन्मूलन हेतु सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया तथा उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं को सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन का सामूहिक संकल्प भी दिलाया। इस अवसर पर ब्रह्मवादिनी बहनों द्वारा प्रस्तुत प्रज्ञागीतों ने पूरे परिसर को आध्यात्मिक वातावरण से ओतप्रोत कर दिया।इससे पूर्व शांतिकुंज प्रतिनिधियों के गोरखपुर आगमन पर एसडीएम सुश्री निशा भारती सहित गायत्री परिवार के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने पुष्पवर्षा कर उनका आत्मीय स्वागत किया। महायज्ञ के उपरांत गोरखपुर के गगहा स्थित गायत्री शक्तिपीठ बासूडीहा कोठा में ‘प्रखर-प्रज्ञा, सजल-श्रद्धा’ स्मारक का विधि-विधान से अनावरण किया गया। यह स्मारक गुरुसत्ता की चेतना और विचारधारा का प्रतीक बनेगा।

विशिष्ट अतिथियों से भेंट-परामर्श
इस दौरान स्थानीय सांसद रवि किशन, गुरु गोरखनाथ मंदिर के व्यवस्थापक वीरेंद्र , सांसद जगदंबिका पाल की सुपुत्री सुश्री पूजा पाल, केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी के सुपुत्र रोहन चौधरी सहित अनेक गणमान्य लोगों ने आदरणीया शैफाली पण्ड्या से भेंट की। उन्होंने अतिथियों को जन्मशताब्दी समारोह से जुडऩे के लिए प्रेरित किया। अतिथियों ने गायत्री परिवार द्वारा संचालित सामाजिक एवं नैतिक अभियानों की सराहना की।






