
जिला संवाददाता – सीपी बहुगुणा
जन एक्सप्रेस / उत्तरकाशी: नशामुक्त समाज के निर्माण और युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से अखिल विश्व गायत्री परिवार, शांतिकुंज हरिद्वार के बैनर तले राष्ट्रीय अभियान की शुरुआत उत्तरकाशी जिले के चिन्यालीसौड़ विकासखंड स्थित बिरजा इंटर कॉलेज से हुई। अभियान के तहत आयोजित संवाद कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को गुटखा, भांग और गांजा सहित विभिन्न प्रकार के नशे से होने वाले नुकसान के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
छात्रों को नशे से दूर रहने का दिलाया संकल्प
विद्यालय के प्रधानाचार्य एवं प्रबंधक शंकर दत्त घड़ियाल, पीएमश्री राजकीय इंटर कॉलेज चिन्यालीसौड़ के प्रधानाचार्य रमेश कोहली तथा राजकीय इंटर कॉलेज बदेती धस के प्रधानाचार्य अनुराग सिंह भंडारी की अध्यक्षता में संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का नेतृत्व राज्य आंदोलनकारी एवं गायत्री शक्तिपीठ के सदस्य देवी सिंह पंवार और बीपी बधानी ने किया। वक्ताओं ने विद्यार्थियों को नशे के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्परिणामों के बारे में बताया। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहकर स्वस्थ और संस्कारवान जीवन अपनाने की अपील की।
इस दौरान आचार्य श्रीराम शर्मा के संदेश “हम सुधरेंगे-जग सुधरेगा, हम बदलेंगे-जग बदलेगा” को केंद्र में रखते हुए विद्यार्थियों को संस्कारवान बनने और नशामुक्त रहने का संकल्प दिलाया गया।
नशामुक्त उत्तराखंड के लिए युवाओं से आगे आने की अपील
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड को नशे के बढ़ते प्रभाव से बचाने के लिए युवाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। मां गंगा की छांव और हिमालय की गोद में बसे उत्तराखंड को नशामुक्त बनाने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को जागरूकता अभियान से जोड़ने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित नहीं करता, बल्कि परिवार और समाज पर भी इसका गंभीर प्रभाव पड़ता है। ऐसे में युवाओं को नशे के खिलाफ जागरूक करना और उन्हें सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ना जरूरी है।
सरकारी अभियान और युग निर्माण योजना से जोड़ने पर जोर
आयोजकों ने इस अभियान को सरकार की नशामुक्त भारत योजना और शांतिकुंज की युग निर्माण योजना के साथ जोड़कर जन-जागरण का महत्वपूर्ण प्रयास बताया। उनका कहना है कि देशभर में चल रहे जागरूकता अभियानों का उद्देश्य स्वस्थ, संस्कारित और नशामुक्त समाज का निर्माण करना है।
गायत्री परिवार की ओर से आयोजित इस अभियान के माध्यम से विद्यालयों और युवाओं के बीच नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने का प्रयास किया जा रहा है। अभियान से जुड़े लोगों ने कहा कि आने वाले समय में इसे धरातल पर और व्यापक रूप देने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे।
शिक्षकों और कार्यकर्ताओं ने लिया अभियान आगे बढ़ाने का संकल्प
कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों और अभियान से जुड़े कार्यकर्ताओं ने नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि युवाओं को सही दिशा देने और उन्हें नशे जैसी बुराइयों से बचाने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं।
इस अवसर पर राकेश रावत, रविंद्र चौहान, सुरेंद्र कुमार, रणबीर पंवार सहित विद्यालय के सभी गुरुजन मौजूद रहे। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने, सकारात्मक सोच अपनाने और समाज में जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया गया।
उत्तरकाशी के चिन्यालीसौड़ से शुरू हुआ यह अभियान युवाओं के बीच नशामुक्ति का संदेश पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया है। आयोजकों ने इसे निरंतर जन-जागरण के माध्यम से नशामुक्त और संस्कारित उत्तराखंड के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ाने की बात कही।