
जिला संवाददाता – सचिन नौटियाल
जन एक्सप्रेस / पुरोला: उत्तरकाशी जिले के प्रखंड पुरोला में भारी बारिश के कारण प्राथमिक विद्यालय बेष्टी की सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त हो गई है। दीवार के क्षतिग्रस्त होने से विद्यालय में पढ़ने वाले नौनिहालों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों और ग्रामीणों में चिंता बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते क्षतिग्रस्त सुरक्षा दीवार की मरम्मत नहीं कराई गई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
भारी बारिश के बाद विद्यालय की सुरक्षा दीवार का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त होने से विद्यालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हुई है। दीवार के आसपास बच्चों के खेलने या विद्यालय परिसर से बाहर निकलने के दौरान दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। ऐसे में अभिभावक विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
चार गांवों के बच्चे करते हैं विद्यालय में पढ़ाई
ग्रामीणों के अनुसार प्राथमिक विद्यालय बेष्टी में बेष्टी अली, पली, कुमठा और चंदराणु गांवों के नौनिहाल अध्ययन करते हैं। बड़ी संख्या में बच्चों की आवाजाही वाले विद्यालय परिसर में सुरक्षा दीवार का क्षतिग्रस्त होना गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है।
ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से विद्यालय परिसर को सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है। क्षतिग्रस्त दीवार के कारण बच्चों के दीवार के आसपास जाने या खेलते समय हादसा होने का खतरा बना हुआ है। अभिभावकों ने संबंधित विभाग से जल्द से जल्द सुरक्षा दीवार की मरम्मत कराने की मांग की है।
समय रहते मरम्मत की मांग
सामाजिक कार्यकर्ता कुलदेव चौहान ने प्रशासन से प्राथमिक विद्यालय बेष्टी की क्षतिग्रस्त सुरक्षा दीवार की मरम्मत का कार्य जल्द शुरू कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि विद्यालय में छोटे बच्चे पढ़ते हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
कुलदेव चौहान ने कहा कि यदि समय रहते दीवार का निर्माण या मरम्मत नहीं कराई गई तो विद्यालय भवन और परिसर को भी खतरा हो सकता है। उन्होंने प्रशासन से मौके का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने और सुरक्षा दीवार को जल्द दुरुस्त कराने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दौरान विद्यालय परिसर में बच्चों की सुरक्षा को लेकर विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। ऐसे में क्षतिग्रस्त दीवार की मरम्मत में देरी बच्चों के लिए जोखिम बढ़ा सकती है।
अभिभावकों और ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द कार्रवाई की मांग की है, ताकि विद्यालय में अध्ययनरत बच्चों को सुरक्षित वातावरण मिल सके और किसी संभावित दुर्घटना को समय रहते रोका जा सके।