
जन एक्सप्रेस /उत्तरकाशी :- अखिल विश्व गायत्री परिवार के वरिष्ठ गायत्री परिजन प्रेमलाल बिजल्वाण ने ब्रह्मखाल क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों में पहुंचकर विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा की जानकारी देने के साथ ही नशामुक्त समाज का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि संस्कारवान और स्वस्थ युवा ही सशक्त समाज एवं राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं।
गायत्री परिवार के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से प्रेमलाल क्षेत्र के लगभग एक दर्जन से अधिक विद्यालयों में संपर्क कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और भारतीय जीवन पद्धति से परिचित कराया तथा भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा में अधिक से अधिक विद्यार्थियों की सहभागिता का आह्वान किया।
उन्होंने विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार और समाज को प्रभावित करता है। उन्होंने आह्वान किया कि धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों को नशामुक्त बनाया जाए और युवा पीढ़ी को नशे से दूर रखने के लिए अभिभावकों, शिक्षकों और समाज के प्रत्येक व्यक्ति को मिलकर प्रयास करना चाहिए। उन्होंने युवाओं से नशे का कारोबार करने वालों के विरुद्ध पुलिस एवं प्रशासन का सहयोग करने तथा अपने गांव को नशामुक्त गांव बनाने का संकल्प लेने की अपील की।
इस दौरान ज्ञान दीप जूनियर हाईस्कूल में संस्थापक सुरेश रमोला, प्रधानाचार्य राजेश तथा अध्यापक दिनेश, रीना, देवी, शैलेंद्र, सुरेश, प्रियांशु, गीता और दीपमाला मौजूद रहे।
सरस्वती विद्या मंदिर में प्रधानाचार्य चिरंजीव नौटियाल के साथ भारत रावत, गोकुल चंद, आशीष चंद, तोता राम, प्रियंका, भागेश्वरी, गीता और रिशिका ने सहभागिता की।
राजकीय कन्या हाईस्कूल में प्रधानाचार्य रजनी बौद्ध के साथ कविता भंडारी, रचना, पूजा और बबीता जोशी उपस्थित रहीं। वहीं राजकीय कन्या जूनियर हाईस्कूल में प्रधानाचार्य सुलोचना शाह एवं सुदर्शन परमार मौजूद रहे।
विद्यालयों में विद्यार्थियों ने भारतीय संस्कृति, संस्कार और नशामुक्ति से जुड़े संदेशों को उत्साहपूर्वक सुना। प्रेमलाल बिजल्वाण ने कहा कि बच्चों और युवाओं में संस्कार, संस्कृति एवं सामाजिक चेतना का बीजारोपण कर ही नशामुक्त और सशक्त समाज की नींव रखी जा सकती है।






