अधिवक्ता संघ की पांच सदस्यीय समिति ने संभाला कार्यभार,पहले दिन ही लिए अहम फैसले
समिति के संयोजक बनें 'रणजीत सिंह त्रिसुंडी',चार सदस्यों ने उनके नेतृत्व में कार्य करने का लिया फैसला निवर्तमान पदाधिकारियो को अभिलेखों के साथ चार्ज देने के लिए पत्र जारी,बार से जुड़े बैंक खातों के संचालन पर रोक समेत अन्य मुख्य बिंदुओं पर लिया गया निर्णय

जन एक्सप्रेस /सुल्तानपुर :- महिलाओं के आरक्षण को लेकर हाईकोर्ट से जारी हुए आदेश के बाद चल रहे अधिवक्ता संघ के चुनाव के दौरान हुए बवाल के बाद अधिवक्ता संघ ने नई कार्यकारिणी का गठन नहीं हो जाने तक प्रशासनिक व वित्तीय कार्यो की जिम्मेदारी पांच सदस्यीय समिति को सौंपी है। गठित समिति प्रभार ग्रहण करते ही एक्शन मोड में आ गई है। समिति के अन्य सदस्यों ने संयोजक के रूप में पूर्व अध्यक्ष रणजीत सिंह त्रिसुंडी को मनोनीत किया है। समिति ने कार्यसमिति के निवर्तमान पदाधिकारियों को प्रशासनिक व वित्तीय प्रभार के अभिलेख शीघ्र उपलब्ध कराने एवं खाता संचालन पर रोक लगाने सहित अन्य बिंदुओं पर कड़ा निर्णय लेते हुए पत्र जारी किया है।
बुधवार को प्रशासनिक कार्यालय में प्रशासनिक एवं वित्तीय समिति के पदाधिकारी रणजीत सिंह त्रिसुंडी,नरेंद्र बहादुर सिंह,करुणा शंकर द्विवेदी,अजीजुर्रहमान व वीरेंद्र कुमार चतुर्वेदी ने बैठक किया, जिन्होंने अधिवक्ता हित में मिली जिम्मेदारियां के क्रम में अपने दायित्वो का भलीभांति निर्वाहन करने के लिए रूपरेखा तैयार किया। समिति के सदस्यों ने सर्व सम्मति से प्रशासनिक एवं वित्तीय अधिकारों के संचालन के लिए रणजीत सिंह त्रिसुंडी को संयोजक के रूप में मनोनीत किया है। गठित समिति ने निवर्तमान कार्य समिति को तीन दिवस के भीतर समस्त प्रशासनिक व वित्तीय प्रभार अभिलेखों के साथ प्राप्त कराने के लिए कहा है। इसके अलावा बार एसोसिएशन के समस्त बैंक खातों का संचालन निवर्तमान कार्यसमिति के जरिए करने पर रोक लगाने,मतगणना के दौरान क्षतिग्रस्त हुए सीसीटीवी कैमरे के डीवीआर व दरवाजे को ठीक कराने तथा सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित कराने,एल्डर्स कमेटी के चेयरमैन राजेन्द्र प्रताप द्विवेदी के जरिए दर्ज कराई गई प्राथमिकी में सक्रिय पैरवी करने एवं 10 सितंबर को मतगणना के दौरान हुए उपद्रव में शामिल अधिवक्ताओं को चिन्हित कर जांचोपरांत उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के बिंदु पर कड़ा निर्णय लिया है।
गठित समिति ने निवर्तमान अध्यक्ष, महासचिव व कोषाध्यक्ष को गत 31 जुलाई तथा विस्तारित अवधि का प्रभार समस्त अभिलेखों के साथ तीन दिवस के भीतर देने की अपेक्षा करते हुए पत्र जारी किया है। गौरतलब है कि मतगणना के दिन हुए बवाल के बाद गत 14 सितंबर को हुई बैठक में एल्डर्स कमेटी के अध्यक्ष ने अधिवक्ताओं की सहमति से नई कार्यकारिणी का गठन नहीं हो जाने तक पांच सदस्यो की समिति को प्रशासनिक एवं वित्तीय अधिकारों का संचालन करने समेत अन्य आवश्यक कार्यो की जिम्मेदारी सौंपी गई है। गठित समिति के सदस्यों ने निवर्तमान पदाधिकारियो व अन्य सभी से अधिवक्ता संघ की गरिमा व अधिवक्ताओं के हित को ध्यान में रखते हुए लिए गए फैसलों में सहयोग की अपेक्षा किया है।






