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उपचार के बाद बिगड़ी बुजुर्ग की हालत, रास्ते में मौत; क्लीनिक सील

कब्ज की शिकायत लेकर निजी क्लीनिक पहुंचे बुजुर्ग की उपचार के बाद हालत बिगड़ गई। परिजन उन्हें हायर सेंटर ले जा रहे थे,

जन एक्सप्रेस /सितारगंज :-  कब्ज की शिकायत लेकर निजी क्लीनिक पहुंचे बुजुर्ग की उपचार के बाद हालत बिगड़ गई। परिजन उन्हें हायर सेंटर ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में उनकी मौत हो गई। परिजनों ने क्लीनिक संचालक पर उपचार में लापरवाही का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पोर्टल पर शिकायत की। शिकायत के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने क्लीनिक में जांच कर उसे अग्रिम आदेश तक सील कर दिया।

सितारगंज निवासी अनुपमा शर्मा के मुताबिक, 22 अगस्त को उनके पिता कृष्ण लाल शर्मा को कब्ज की शिकायत थी। उनकी मां उन्हें किच्छा रोड स्थित मां संतोषी पॉली क्लिनिक लेकर गई थीं। परिजनों का आरोप है कि जांच के बाद उन्हें कोलेस्ट्रॉल, टाइफाइड और डायबिटीज की समस्या बताई गई। अगले दिन उपचार के दौरान उन्हें आईवी फ्लूड, दवाएं और इंजेक्शन दिए गए। आरोप है कि ड्रिप लगाए जाने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी और रात तक हालत गंभीर हो गई।इसके बाद चिकित्सक ने उन्हें दूसरे अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। परिजन उन्हें बरेली स्थित श्रीराम मूर्ति अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। घटना के बाद अनुपमा शर्मा ने एक सितंबर को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर चिकित्सक की शैक्षिक योग्यता, मेडिकल पंजीकरण, क्लीनिक संचालन की वैधानिकता तथा उपचार की जांच कराने की मांग की।

दो सदस्यीय टीम ने की जांच

शिकायत को गंभीरता से लेते हुए सीएमओ डॉ. एसके गोस्वामी ने एसीएमओ डॉ. सुधीर कुमार गुप्ता के नेतृत्व में दो सदस्यीय जांच कमेटी गठित की। बुधवार को टीम ने मां संतोषी पॉली क्लिनिक पहुंचकर जांच की। इस दौरान क्लीनिक संचालक के बयान दर्ज किए गए और पीड़ित परिवार से भी जानकारी ली गई।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जांच के दौरान क्लीनिक में कुछ अनियमितताएं सामने आईं। इसके बाद क्लीनिक को अग्रिम आदेश तक सील कर दिया गया। सीएमएस डॉ. कुलदीप यादव ने बताया कि शिकायत के आधार पर जांच की गई है और दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए गए हैं। जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

बुजुर्ग की मौत का वास्तविक कारण क्या था और उपचार के दौरान चिकित्सकीय लापरवाही हुई या नहीं, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

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