उत्तर प्रदेशजौनपुरराज्य खबरें

मनोज यादव ब्लॉक प्रमुख बक्शा का निधन, पूरे क्षेत्र में शोक की लहर

जन एक्सप्रेस/जौनपुर: जौनपुर जनपद के बक्शा विकास खंड से एक अत्यंत दुखद समाचार सामने आया है। बक्शा ब्लॉक प्रमुख मनोज यादव का आकस्मिक निधन हो गया। जैसे ही उनके निधन की सूचना क्षेत्र में फैली, पूरे बक्शा क्षेत्र सहित आसपास के इलाकों में शोक की लहर दौड़ गई। हर वर्ग के लोग इस खबर से स्तब्ध हैं और गहरे दुःख में डूब गए हैं।

मनोज यादव न केवल एक जनप्रतिनिधि थे, बल्कि वे आम जनता के बीच एक सरल, सहज और मिलनसार व्यक्तित्व के रूप में जाने जाते थे। उनका व्यवहार, उनकी कार्यशैली और लोगों के प्रति अपनापन उन्हें क्षेत्र के अन्य जनप्रतिनिधियों से अलग पहचान दिलाता था। उनके असामयिक निधन को बक्शा क्षेत्र के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।

सूचना मिलते ही उनके आवास पर शोक संवेदना व्यक्त करने वालों का तांता लग गया। स्थानीय ग्रामीण, प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य, जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और राजनीतिक कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उनके घर पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। हर आंख नम है और हर जुबान पर यही शब्द हैं कि मनोज यादव का जाना क्षेत्र के लिए एक ऐसा खालीपन छोड़ गया है, जिसकी भरपाई जल्द संभव नहीं।

अपने कार्यकाल के दौरान मनोज यादव ने विकास को प्राथमिकता दी। उन्होंने सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और ग्रामीण सुविधाओं को लेकर कई अहम प्रयास किए। ग्रामीणों का कहना है कि वे हमेशा जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुनते थे और समाधान के लिए तुरंत प्रयास करते थे। यही कारण था कि वे क्षेत्र के लोगों के दिलों में विशेष स्थान रखते थे।

मनोज यादव की पहचान एक ऐसे जनप्रतिनिधि के रूप में थी, जो सत्ता और पद से अधिक सेवा को महत्व देते थे। वे अक्सर बिना किसी औपचारिकता के गांवों में पहुंच जाते और लोगों की परेशानियों को स्वयं देखकर समाधान कराने का प्रयास करते थे। यही सहजता और सरलता उन्हें जनता के बेहद करीब ले आई थी।

उनके निधन की खबर मिलते ही जनपद के कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने शोक व्यक्त किया है। सभी ने एक स्वर में कहा कि मनोज यादव का निधन केवल एक व्यक्ति की मृत्यु नहीं, बल्कि जनसेवा के एक समर्पित अध्याय का अंत है।

शोक संदेशों में कहा गया कि मनोज यादव ने हमेशा समाज को जोड़ने का कार्य किया। वे विवादों से दूर रहकर विकास और सहयोग की राजनीति में विश्वास रखते थे। यही वजह थी कि उनके समर्थकों की संख्या लगातार बढ़ती रही और उन्हें क्षेत्र में व्यापक जनसमर्थन प्राप्त था।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बक्शा क्षेत्र में कई ऐसे विकास कार्य हैं, जिनकी नींव उनके कार्यकाल में पड़ी। वे युवाओं को आगे बढ़ाने, ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने और जरूरतमंदों की सहायता करने में हमेशा अग्रणी रहे।

उनके असमय निधन से न केवल उनका परिवार बल्कि पूरा क्षेत्र शोकाकुल है। परिवारजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। समर्थक और शुभचिंतक उन्हें अंतिम विदाई देने की तैयारियों में जुटे हुए हैं।

समाज के विभिन्न वर्गों ने ईश्वर से प्रार्थना की है कि वह दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिवार को इस गहरे दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।

मनोज यादव का जाना बक्शा क्षेत्र के लिए एक ऐसी क्षति है, जिसे शब्दों में व्यक्त करना कठिन है। उनका नाम क्षेत्र के विकास, जनसेवा और सरल नेतृत्व के रूप में सदैव स्मरण किया जाता रहेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button