धूमधाम से मना संगीत अकादमी का वार्षिकोत्सव,रंगारंग प्रस्तुतियों से मोहा मन

जन एक्सप्रेस । चित्रकूट
आनंदेश्वरम संगीत अकादमी ने अपना दूसरा वार्षिक उत्सव बड़े धूमधाम से मनाया। वार्षिकोत्सव में बच्चों ने एक से बढ़कर एक संगीत गायन से वहां उपस्थित लोगों को शामिल कर लिया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में सूर्यकांथधर दुबे मुख्य अतिथि मजिस्ट्रेट चित्रकूट ने शिरकत की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता विवेक फडणवीस संगीत विभाग के अध्यक्ष, सत्य प्रकाश द्विवेदी प्रेस क्लब के अध्यक्ष चित्रकार, शिवशंकर त्रिपाठी, महेंद्र पांडे आदर्श कथा वाचक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन गणेश मिश्रा द्वारा किया गया।
राम आएंगे तो अंगना सजाऊंगी…
इस अवसर पर लगभग सौ प्रतिभागियों ने संगीत गायन का प्रदर्शन किया। राम आएंगे तो अंगना सजाऊंगी लगभग 40 बच्चों ने गायन तथा वाद्य यंत्रों के साथ गीत प्रस्तुत कर मनमोहन लिया। इसी क्रम में ऋतिक सिंह रुद्र के समुंदर ने यह तो सच है कि भगवान ने गीत गाकर लोगों की खूब तालियां बटोरी वही काव्य निगम और श्रेया अग्रवाल ने कुछ खोने को पाया है, कुछ खोने को पाया है गीत गाकर एक प्यार का नगमा है उत्साह को ग़मगीन कर दिया सौर प्रताप सिंह ने एक दिन बिकेगी माटी के मोल-तोल करने वालों की तालियां बटोरी। सामूहिक गीत छोटे विद्यार्थियों ने लगभग 5 से 6 साल के बालकों द्वारा तेरे जैसा यार जहां उपस्थित देकर लोगों को आकर्षित किया आरुष तिवारी ने हमारे साथ श्री रघुनाथ तो फिर किस बात की चिंता करके वातावरण को
भक्तिभाव विभोर कर दिया।राघव पांडेय, अरुंधति दीक्षित , सूरज द्विवेदी, पार्थचतुर्वेदी, निया श्रीवास्तव, ऋषभदेव त्रिपाठी जय सिंह आदि ने अनेक भक्तिपूर्ण गीत गाकर लोगों को अपनी तरफ आकर्षित किया।
संस्थापक विनय पांडे ने किया सम्मानित
कार्यक्रम के अंत में समाज के प्रमुख लोगों को आनंदेश्वरम संगीत अकादमी के संस्थापक विनय पांडे द्वारा सभी को सम्मानित किया गया। डॉ विवेक फडणवीस को संगीत जगत में विशिष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। गणेश मिश्र समाजसेवी को संगीत क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया।
संगीत विद्या को आगे बढ़ाने हम सब को आना होगा आगे : सत्यप्रकाश
इस अवसर पर प्रेस क्लब के अध्यक्ष सत्य प्रकाश द्विवेदी ने कहा कि हम सभी युवा लोगों को आगे आना चाहिए ताकि रचनात्मक कार्यक्रम को गति मिल सके। डॉ विवेक फडणवीस ने कहा कि जहां शब्द समाप्त हो जाते हैं, वहां संगीत शुरू होता है, संगीत की भावना प्रमुख होती है, यह आंतरिक सुख का एकमात्र साधन है।
संगीत जीवन का प्राण -गणेश मिश्र
इस अवसर पर गणेश मिश्र ने कहा कि गोरखपुर चित्रकार में प्रतिभा का पलायन न हो, इसलिए संगीत कौशल के माध्यम से तन मन व हृदय की नकारात्मकता से मुक्त करने की आवश्यकता है। वर्तमान युग में व्यक्ति भौतिकता की इस अंध दौड़ में इस कदर को शामिल किया गया। ऐसा कहा जाता है कि मनुष्य कहीं खो गया है और खुशी-आशांति छा गई है ऐसे समय में संगीत ही एकमात्र साधन है जो मानव मन को तनाव रहित करता है। इस अवसर पर आनंदेश्वर संगीत अकादमी के संस्थापक विनय पांडे ने सभी का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर रवि श्रीवास्तव, उपेन्द्र तिवारी, यामेन्द्र पाण्डेय, नवनीत निगम, सिद्धार्थ गुप्ता, लवलेश गुप्ता, डॉ. रामाकांत गुप्ता, आलोक पाण्डेय, लवलेश पटेल, गिर्वाण दत्त शुक्ला आदि सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।






