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अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति में 91 लाख की गड़बड़ी उजागर, 17 संस्थानों पर फर्जीवाड़े का आरोप

जांच रिपोर्ट में खुलासा: कई संस्थानों में छात्र थे ही नहीं, फिर भी मिली छात्रवृत्ति

जन एक्सप्रेस/देहरादून(उत्तराखण्ड) : अल्पसंख्यक छात्रों के लिए चलाई जा रही केंद्र प्रायोजित छात्रवृत्ति योजना में बड़ा घोटाला सामने आया है। जांच में खुलासा हुआ है कि उत्तराखंड के चार जिलों के 17 शिक्षण संस्थानों ने अपात्र और नाममात्र के छात्रों को 91 लाख से अधिक की छात्रवृत्ति बांट दी।
केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय द्वारा जताई गई गड़बड़ी की आशंका सच साबित हुई है। जांच में पाया गया कि कई संस्थानों में छात्र ही उपस्थित नहीं थे, फिर भी फर्जीवाड़ा कर छात्रवृत्ति की रकम निकाल ली गई। जांच में 1058 ऐसे छात्र सामने आए हैं, जिन्हें नियमों के खिलाफ छात्रवृत्ति दी गई। शासन को प्राप्त जांच रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ है कि योजनाओं का दुरुपयोग संगठित तरीके से किया गया है।

दोषियों पर होगी कार्रवाई
अल्पसंख्यक कल्याण सचिव धीराज गर्ब्याल ने बताया कि जांच रिपोर्ट का परीक्षण अंतिम चरण में है। जल्द ही दोषी पाए गए संस्थानों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश जारी किए जाएंगे।
ज्ञात हो कि केंद्र सरकार ने राज्य के कुल 92 शिक्षण संस्थानों, स्कूलों और मदरसों में छात्रवृत्ति योजना में अनियमितताओं की आशंका जताते हुए जांच के आदेश दिए थे, जिसमें से यह गड़बड़ी 17 संस्थानों में पाई गई।

सवालों के घेरे में सरकारी निगरानी तंत्र
यह मामला राज्य के निगरानी तंत्र पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। केंद्र की ओर से जारी धनराशि का लाभ वास्तव में जरूरतमंद अल्पसंख्यक छात्रों तक पहुंचा या नहीं, इसकी जांच अब और व्यापक स्तर पर हो सकती है।

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