लखनऊ में लहराया नीला परचम: कांशीराम की बरसी पर उमड़ा बसपा समर्थकों का जनसैलाब
बहनजी को सुनने के लिए समर्थकों ने खुद किया चंदा, 150-200 रुपये जुटाकर पहुंचे लखनऊ

जन एक्सप्रेस लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने गुरुवार को कांशीराम के परिनिर्वाण दिवस पर राजधानी लखनऊ में शक्ति प्रदर्शन किया। कांशीराम स्मारक स्थल पर आयोजित विशाल महारैली में देशभर से लाखों की संख्या में समर्थक उमड़े। खास बात यह रही कि इस बार समर्थकों ने पार्टी की आर्थिक मदद के बिना खुद चंदा कर यात्रा की और बहनजी का भाषण सुनने राजधानी पहुंचे।बिहार के भभुआ जिले से आए दूधनाथ राम ने बताया कि “करीब ढाई सौ लोग हम सब 150-200 रुपये चंदा कर यहां पहुंचे हैं। बहनजी सत्ता में हो या न हो, हमारे लिए वह एक आंदोलन हैं।”रैली में उत्तर प्रदेश के कोने-कोने से आए कार्यकर्ताओं के अलावा पंजाब, हरियाणा, महाराष्ट्र और उत्तराखंड से भी भारी संख्या में लोग शामिल हुए। मंच से बहनजी ने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि “कांशीराम का मिशन तभी पूरा होगा जब सत्ता की चाबी हमारे हाथ में हो।”
मंच पर मायावती के साथ आकाश आनंद की मौजूदगी को संगठन के नए नेतृत्व मॉडल की झलक के तौर पर देखा जा रहा है।राजनीतिक संकेत और मिशन 2027 की तैयारी बसपा को 2024 के लोकसभा चुनावों में करारी शिकस्त मिली थी, पार्टी सिर्फ एक सीट पर सिमट गई थी। ऐसे में संगठन में नई ऊर्जा भरने और दलित वोटबैंक को फिर से मजबूत करने के लिए इस रैली को रणनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है। मायावती के इस प्रदर्शन से यह साफ संदेश देने की कोशिश हुई कि पार्टी जमीनी स्तर पर अब भी मजबूती से खड़ी है।






