यूपी में खनन वाहनों के लिए नए नियम लागू, वीटीएस सिस्टम अनिवार्य; अवैध परिवहन पर सख्ती
खनन सामग्री परिवहन में बढ़ेगी पारदर्शिता, बिना GPS इंटीग्रेशन नहीं मिलेगा ई-एमएम-11 और ई-फॉर्म-सी

जन एक्सप्रेस लखनऊ—उत्तर प्रदेश में खनन कार्य से जुड़े वाहनों के लिए नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। उपखनिजों के अवैध परिवहन पर रोक लगाने और प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग अब वाहन ट्रैकिंग सिस्टम (VTS) अनिवार्य करने जा रहा है। इसके लिए vtsdgm.up.in पोर्टल विकसित किया गया है, जहां वाहन स्वामियों का पंजीकरण और एआईएस-140 GPS डिवाइस का इंटीग्रेशन किया जा रहा है।
केवल GPS-इंटीग्रेटेड वाहनों को ही मिलेगा परिवहन प्रपत्र
नए नियम लागू होने के बाद उपखनिज परिवहन के लिए आवश्यक ई-एमएम-11 और ई-फॉर्म-सी केवल उन वाहनों के लिए ही जारी होंगे, जिनमें लगा एआईएस-140 GPS उपकरण विभागीय पोर्टल से इंटीग्रेटेड होगा।
यह प्रणाली खनन सामग्री के परिवहन की निगरानी को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाएगी।
विभाग ने वाहन स्वामियों से तत्काल पंजीकरण कराने की अपील की
भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग ने वाहन स्वामियों से अनुरोध किया है कि अपने सभी वाहनों को विभागीय पोर्टल पर पंजीकृत कराएं और GPS उपकरण का इंटीग्रेशन सुनिश्चित करें।विभाग ने स्पष्ट किया है कि—बिना GPS इंटीग्रेशन वाले वाहनों को प्रपत्र जारी नहीं होंगे ऐसे वाहनों द्वारा खनिज परिवहन पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी
तकनीकी सहायता के लिए उपलब्ध हैं जिला खनन कार्यालय
GPS इंटीग्रेशन या पोर्टल पंजीकरण से संबंधित किसी भी तकनीकी सहायता के लिए स्वामी अपने संबंधित जिला खनन कार्यालय या भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय से संपर्क कर सकते हैं।






