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पीडब्ल्यूडी में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, आरटीआई कार्यकर्ताओं को धमकाने का दावा

पूर्व चपरासी के बच्चों पर फर्जी प्रमाण पत्रों से नौकरी पाने का आरोप, RTI लगाने वालों को धमकाने की शिकायत

जन एक्सप्रेस/चित्रकूट: लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) चित्रकूट में भ्रष्टाचार को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। विभाग में अमृत आश्रित योजना के अंतर्गत की गई कुछ नियुक्तियों को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि विभाग के एक पूर्व चपरासी के बच्चों द्वारा फर्जी डिग्रियों के आधार पर बाबू पद पर कार्य किया जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार छेदीलाल यादव और संतोष पाल नामक कर्मचारियों पर फर्जी शैक्षणिक प्रमाण पत्रों के सहारे सरकारी सेवा में आने का आरोप लगाया गया है। मामला सामने आने के बाद विभागीय कार्यप्रणाली पर भी प्रश्नचिन्ह लगने लगे हैं।

आरटीआई लगाने पर धमकाने और फर्जी मुकदमों में फंसाने का आरोप

भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों का आरोप है कि जब उन्होंने सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत जानकारी मांगी, तो उन्हें धमकियां दी गईं। आरोप यह भी है कि विभागीय अधिकारी अपने चहेते कर्मचारियों का पक्ष लेते हुए शिकायतकर्ताओं को डराने का प्रयास कर रहे हैं। आरटीआई कार्यकर्ताओं का दावा है कि उन्हें फर्जी मुकदमों में फंसाने और यहां तक कि जान से मारने की धमकियां भी दी गई हैं, जिससे प्रशासनिक पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

भ्रष्टाचार मुक्त शासन के दावों पर उठे सवाल

मामले को लेकर यह प्रश्न उठने लगे हैं कि भ्रष्टाचार मुक्त शासन का दावा करने वाली सरकार क्या इस प्रकरण पर संज्ञान लेगी। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि आरोप सही पाए जाएं तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

जनता की मांग: उच्चस्तरीय जांच हो, दोषियों पर हो कार्रवाई

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि ऐसे मामलों पर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो इससे न केवल सरकारी योजनाओं की विश्वसनीयता प्रभावित होगी, बल्कि ईमानदार कर्मचारियों और आम जनता का भरोसा भी टूटेगा। लोगों ने शासन से मामले में उच्चस्तरीय जांच और पारदर्शी कार्रवाई की मांग की है।

 

 

 

 

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