
जन एक्सप्रेस/ उत्तरकाशी: एक ओर प्रदेश के कई सरकारी विद्यालयों में छात्र संख्या लगातार घटने की खबरें सामने आती रहती हैं, वहीं उत्तरकाशी जिले के विकासखंड चिन्यालीसौड़ स्थित राजकीय आदर्श प्राथमिक विद्यालय बड़ेथी सरकारी शिक्षा की नई मिसाल बनकर उभरा है। यह विद्यालय न केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दे रहा है, बल्कि अपनी उपलब्धियों से यह साबित कर रहा है कि समर्पित शिक्षक और बेहतर शैक्षणिक वातावरण सरकारी स्कूलों को भी उत्कृष्ट बना सकते हैं।
विद्यालय में वर्तमान शैक्षणिक सत्र में बाल वाटिका से कक्षा 5 तक कुल 160 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, जबकि 65 नए विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। बढ़ती छात्र संख्या इस बात का प्रमाण है कि अभिभावकों का सरकारी विद्यालयों पर भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है।
विद्यालय की सफलता के पीछे शिक्षकों की प्रतिबद्धता, अनुशासन, नवाचार आधारित शिक्षण और प्रत्येक छात्र पर व्यक्तिगत ध्यान प्रमुख कारण हैं। विद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 में कई उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। जिला स्तरीय ‘सपनों की उड़ान’ प्रतियोगिता, सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता और विज्ञान प्रदर्शनी में विद्यालय के विद्यार्थियों ने प्रथम स्थान प्राप्त कर जिले का नाम रोशन किया।
इतना ही नहीं, विद्यालय की दो छात्राओं ने गणित विजार्ड और इंग्लिश स्पेल जीनियस प्रतियोगिताओं में राज्य स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए उत्तरकाशी का गौरव बढ़ाया। प्रतियोगी परीक्षाओं में भी विद्यालय के विद्यार्थियों ने शानदार सफलता हासिल की। कक्षा पांच की चार छात्राओं का हिम ज्योति आवासीय विद्यालय में चयन हुआ, जबकि तीन विद्यार्थियों का राजीव नवोदय विद्यालय में प्रवेश सुनिश्चित हुआ। इसके अलावा एक छात्रा ने स्वर्गीय सुरेंद्र राकेश आवासीय विद्यालय की प्रवेश परीक्षा भी सफलतापूर्वक उत्तीर्ण की। यह उपलब्धि विद्यालय के इतिहास में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
विद्यालय की सबसे बड़ी सफलता केवल परीक्षा परिणाम नहीं, बल्कि समाज का बढ़ता विश्वास है। उत्कृष्ट शिक्षण व्यवस्था के कारण दूर-दराज के गांवों से कई अभिभावक बड़ेथी में किराये पर कमरा लेकर रह रहे हैं, ताकि उनके बच्चे इसी विद्यालय में शिक्षा प्राप्त कर सकें। यह विश्वास दर्शाता है कि यदि सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो तो वे निजी विद्यालयों का मजबूत विकल्प बन सकते हैं।
विद्यालय के शिक्षक भी अपने नवाचारी शिक्षण और उत्कृष्ट कार्यों के लिए राज्य स्तर पर सम्मानित हो चुके हैं। यहां बच्चों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है। पढ़ाई के साथ-साथ खेल, विज्ञान, कला और सामान्य ज्ञान जैसी गतिविधियों में भी विद्यार्थियों को लगातार प्रोत्साहित किया जाता है।
आज जब सरकारी शिक्षा व्यवस्था पर अक्सर सवाल उठाए जाते हैं, तब उत्तरकाशी का राजकीय आदर्श प्राथमिक विद्यालय बड़ेथी प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आया है। यह विद्यालय साबित कर रहा है कि ईमानदार प्रयास, समर्पित शिक्षक और सकारात्मक सोच के बल पर सरकारी स्कूल भी उत्कृष्ट शिक्षा का केंद्र बन सकते हैं और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।






