
जन एक्सप्रेस/रुद्रप्रयाग :- उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में शिक्षा और सामाजिक सरोकार को नई दिशा देने के उद्देश्य से शुरू किया गया ‘एक पुस्तक दान करें, ज्ञान का वृक्ष लगाएं’ अभियान लगातार जनसहभागिता का रूप ले रहा है। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा की पहल से प्रेरित होकर प्रशासनिक अधिकारियों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है।
इसी क्रम में गुरुवार को उप वन संरक्षक रजत सुमन, श्रम प्रवर्तन अधिकारी अनिल कुमार पुरोहित, जलागम परियोजना निदेशक आर.पी. सिंह, सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा मनोज सेमवाल तथा वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी जिला कलेक्ट्रेट लीला सेमवाल ने विभिन्न विषयों की उपयोगी पुस्तकें जिला प्रशासन को भेंट कीं।
जिला प्रशासन के अनुसार, दान में प्राप्त इन पुस्तकों को जिला पुस्तकालय के साथ-साथ आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद विद्यार्थियों तक पहुंचाया जाएगा। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराना और पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देना है।
पुस्तक ज्ञान का माध्यम ही नहीं, जीवन बदलने का साधन: जिलाधिकारी
जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने कहा कि किसी भी समाज की वास्तविक समृद्धि उसके ज्ञान और शिक्षा में निहित होती है। उन्होंने कहा कि एक पुस्तक केवल कागज का संग्रह नहीं होती, बल्कि वह किसी व्यक्ति के जीवन की दिशा बदलने की क्षमता रखती है।
उन्होंने कहा कि पुस्तक दान के माध्यम से समाज में अध्ययन और पठन-पाठन की संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा। इससे युवाओं और विद्यार्थियों को बेहतर भविष्य की तैयारी के लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध होंगे।
आम लोगों से भी अभियान से जुड़ने की अपील
जिलाधिकारी ने सामाजिक संगठनों, शिक्षकों, शिक्षाविदों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों से अभियान से जुड़कर अधिक से अधिक पुस्तकें दान करने की अपील की। प्रशासन का लक्ष्य जिले के पुस्तकालयों को समृद्ध करना और ज्ञान के संसाधनों को उन विद्यार्थियों तक पहुंचाना है, जिन्हें इसकी सबसे अधिक जरूरत है।
जिला प्रशासन ने बताया कि अभियान में शामिल होने या पुस्तकें दान करने के इच्छुक नागरिक जिला कार्यालय स्थित शिकायत निवारण केंद्र के प्रभारी विनोद कुमार से संपर्क कर सकते हैं।
प्रशासन को उम्मीद है कि जनसहभागिता से यह अभियान रुद्रप्रयाग में शिक्षा और सामाजिक विकास के क्षेत्र में एक प्रेरणादायी पहल साबित होगा।






