
जन एक्सप्रेस /उत्तरकाशी :- उत्तरकाशी के जोशियाड़ा निवासी सोमेश चमोली ने शिक्षा के सर्वोच्च शिखर को छुआ है। पिता सेवानिवृत्त अध्यापक दिनेश चंद्र चमोली और गृहणी माता के संस्कारों में पले सोमेश ने प्रारंभिक शिक्षा ऋषिराम शिक्षण संस्थान जोशियाड़ा, माध्यमिक केंद्रीय विद्यालय उत्तरकाशी, BSc DBS देहरादून, MSc केमिस्ट्री IIT मंडी और अब PhD Theoretical Chemistry IIT मुंबई से प्राप्त की है।
पीएचडी के दौरान उनके 10 रिसर्च पेपर अंतरराष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हुए, जो उनकी गहन शोध क्षमता का प्रमाण है। इसी उपलब्धि के आधार पर उनका चयन पोस्ट डॉक्टरल के लिए University of Southern Denmark में हुआ है। यह केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्र के प्रतिभाशाली युवाओं के लिए राष्ट्रीय प्रेरणा है।
जो बच्चा जोशियाड़ा की गलियों से चला था, आज थ्योरेटिकल केमिस्ट्री जैसे कठिनतम विषय में वैश्विक मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करेगा। उनकी मंशा स्पष्ट है, विज्ञान को मानवता और राष्ट्र के उपयोग में लाना, पहाड़ की मिट्टी से निकला यह वैज्ञानिक आने वाले समय में देश के वैज्ञानिक भविष्य को नई दिशा देगा।






