
जन एक्सप्रेस/चमोली: चमोली जनपद में भूधंसाव की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ज्योतिर्मठ के बाद अब नंदानगर भी इसकी चपेट में आ गया है। यहां जमीन से लगातार पानी का रिसाव हो रहा है, जिसके चलते कई परिवारों ने अपने मकान खाली कर दिए हैं।
पिछले तीन वर्षों में इस जिले में भूधंसाव की घटनाएं तेज़ी से बढ़ी हैं। सबसे पहले कर्णप्रयाग के बहुगुणा नगर में यह समस्या सामने आई थी, जबकि घाटी क्षेत्र होने के बावजूद वहां धरती खिसक रही थी। इसके बाद ज्योतिर्मठ का भूधंसाव बड़े संकट के रूप में उभरा, जिसने सैकड़ों मकानों और होटलों को प्रभावित किया। अब नंदानगर में दोबारा वही हालात बन रहे हैं, जिससे लोग गहरी चिंता में हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नंदानगर आपदा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील है और यहां व्यापक स्तर पर वैज्ञानिक सर्वे की आवश्यकता है। व्यापार संघ अध्यक्ष नंदन सिंह और कथावाचक शंभू प्रसाद पांडे ने मांग की है कि सर्वे के बाद क्षेत्र की बसावट को लेकर ठोस योजना तैयार की जानी चाहिए।
नंदानगर में हालात बिगड़ने से प्रवासी लोग भी बेचैन हैं और लगातार अपने परिजनों से संपर्क कर रहे हैं। रविवार को संपूर्ण नंदानगर बाजार बंद रहा, जबकि व्यापारियों ने प्रभावित दुकानदारों को दुकानें खाली कराने में सहयोग दिया।






