BJP-कांग्रेस शासनकाल में विधानसभा बैकडोर भर्तियां होंगी निरस्त!
देहरादून: विधानसभा में भर्ती मामले में अध्यक्ष ऋतु खंडूरी ने जांच बैठा दी हैं। बैकडोर भर्ती की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। समिति में रिटायर्ड आईएएस दिलीप कोटिया, सुरेंद्र सिंह रावत, अवनेंद्र नयाल शामिल किए गए हैं। कमेटी को एक माह में रिपोर्ट सौंपनी होगी। भाजपा और कांग्रेस शासनकाल के दौरान बिना नियम कायदों के नेताओं के करीबियों और खास लोगों को नौकरी पर रखा गया था।
भर्ती मामले पर भाजपा और कांग्रेस एकदूसरे पर जमकर वार और पलटवार कर रहे हैं। भाजपा सरकार में पार्टी और संघ नेताओं के करीबियों के नामों का खुलासा होने के बाद पार्टी काफी असहज है। विश्वसनीय सूत्रों ने बताया कि पूर्व स्पीकर गोविंद सिंह कुंजवाल और प्रेमचंद अग्रवाल के कार्यकाल में हुई बैकडोर भर्तियां निरस्त करने का सरकार मन बना चुकी। इस बाबत कानूनी राय भी ली जा रही है।
गोविंद सिंह कुंजवाल रख गए थे 159 कर्मचारी
कांग्रेस नेता गोविंद सिंह कुंजवाल ने वर्ष 2016 में स्पीकर रहते 159 कर्मचारी भर्ती किए थे। इनमें छह रक्षक ऐसे भी हैं जिन्हें पीआरडी से रखा गया। खास बात यह है कि अपने विधानसभा क्षेत्र जागेश्वर के कई लोगों को उन्होंने नौकरियां दीं। उनके कार्यकाल में रखे गए काफी कर्मचारी अभी तक नियमित नहीं हो पाए हैं, जिस वजह से इनकी नौकरियों पर अब संकट खड़ा हो गया है।
प्रेमचंद ने की थी 72 भर्तियां
भाजपा नेता प्रेमचंद अग्रवाल ने स्पीकर रहते आचार संहिता से ऐन पहले जनवरी में भर्तियों की तैयारी कर ली थी। उन्होंने 72 लोगों को विधानसभा में नियुक्तियां दीं। लेकिन वित्त के पेच के चलते वेतन का संकट खड़ा हो गया था।






