
जन एक्सप्रेस /हरिद्वार: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के राज्यव्यापी अभियान के तहत अब हरिद्वार में भी बुलडोजर गरजने को तैयार है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने शनिवार को जिला कार्यालय में हुई मासिक स्टाफ बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि सरकारी भूमि पर किए गए अवैध अतिक्रमण को तत्काल हटाया जाए और अभियान की प्रगति में लापरवाही बरतने वाले किसी भी कर्मचारी को कठोर दंड दिया जाएगा।
चिन्हित होगी भूमि, लगेगी तारबाड़ और साइनेज
डीएम ने कहा कि अतिक्रमण हटाने से पहले सरकारी जमीन की पहचान कर उस पर तारबाड़ और उचित साइनेज लगाए जाएं, जिससे भविष्य में दोबारा कब्जा न हो सके। इसके लिए सभी एसडीएम और विभागीय अधिकारी मिलकर संयुक्त रूप से कार्य योजना बनाएंगे।
धार्मिक ढांचों पर भी चलेगा बुलडोजर
सूत्रों के अनुसार, कई जगहों पर वन भूमि पर अवैध रूप से धार्मिक ढांचे बना दिए गए हैं। मुख्यमंत्री धामी ने इन पर भी निर्दयी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। प्रशासन इन्हें भी अवैध अतिक्रमण की श्रेणी में लेकर कानूनी कार्यवाही करेगा।
प्रमोशन और कोर्ट केस पर भी सख्ती
बैठक में डीएम मयूर दीक्षित ने विभागों में लंबित प्रमोशन मामलों को प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पात्र कार्मिकों को समय पर पदोन्नति न मिलना प्रशासनिक कार्य संस्कृति के विरुद्ध है। साथ ही शासकीय अधिवक्ताओं और डीजीसी को अदालतों में लंबित वादों की प्रभावी पैरवी के निर्देश भी दिए।
खनन माफिया पर भी कसता शिकंजा
डीएम ने अवैध खनन और अवैध भंडारण पर भी सख्त कार्रवाई करने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। जिला खनन अधिकारी और राजस्व टीमों को नियमित रूप से छापेमारी और निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
‘धामी मॉडल’ के तहत तेजी से आगे बढ़ रही कार्रवाई
बता दें कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में पूरे उत्तराखंड में अवैध अतिक्रमण हटाओ अभियान तेजी से चलाया जा रहा है। हरिद्वार इसका एक अहम केंद्र बनता जा रहा है। अब देखना होगा कि जमीन पर यह बुलडोजर मॉडल कितना असरदार साबित होता है।






