गोरखपुर: माता-पिता को नींद की दवा खिलाकर प्रेमी से मिलने जाती थी 8वीं की छात्रा, ऐसे हुआ सनसनीखेज खुलासा

जन एक्सप्रेस/गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने न सिर्फ एक परिवार को झकझोर दिया, बल्कि समाज के लिए भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां कक्षा 8 में पढ़ने वाली एक नाबालिग छात्रा पर आरोप है कि वह अपने प्रेमी से मिलने के लिए रोज़ाना माता-पिता और घर के अन्य सदस्यों के खाने में नींद की दवा मिला देती थी।
यह चौंकाने वाला सिलसिला तब उजागर हुआ, जब पिता को अपनी बेटी के व्यवहार पर शक हुआ और उन्होंने सच जानने के लिए खुद जाल बिछाया।
मामला कहां का है?
यह पूरा मामला गोरखपुर जिले के गुलरिहा थाना क्षेत्र के एक गांव का है। पीड़िता 15 वर्षीय छात्रा है, जो कक्षा 8 में पढ़ती है। परिवार सामान्य है। पिता मुंबई में पेंटिंग का काम करते हैं और कुछ समय पहले ही घर लौटे थे।
कैसे पैदा हुआ शक?
परिजनों के अनुसार, पिता के मुंबई से लौटने के बाद उन्होंने बेटी के व्यवहार में अचानक बदलाव देखा। वह घंटों मोबाइल पर बात करती थी, अक्सर घर से बाहर रहती थी और सवाल पूछने पर चुप हो जाती थी।
इसके साथ ही एक और अजीब बात सामने आई—
रात का खाना खाने के बाद पूरे परिवार को असामान्य रूप से गहरी नींद आने लगी। पिता ने जब इस बारे में पत्नी और बुजुर्ग मां से बात की, तो उन्होंने भी यही अनुभव साझा किया।
खाने में मिलाई जा रही थी दवा
पिता को धीरे-धीरे शक होने लगा कि कहीं खाने में कुछ मिलाया तो नहीं जा रहा। बेटी खाना परोसते समय असामान्य रूप से सतर्क रहती थी, लेकिन कभी खुद कुछ नहीं बोलती थी।
माता-पिता ने रचा नाटक
सच सामने लाने के लिए पिता और मां ने एक योजना बनाई।
3 जनवरी की रात उन्होंने खाना तो मंगवाया, लेकिन चुपचाप उसे छिपा दिया और खाने का नाटक कर सोने का दिखावा किया।
रात करीब 11:30 बजे घर में हलचल हुई। खिड़की से देखा गया तो बेटी शॉल ओढ़कर बाहर निकल रही थी।
पीछा किया, खुल गया राज
माता-पिता ने बेटी का पीछा किया। करीब 200 मीटर दूर वह पड़ोस में रहने वाले एक युवक के घर गई। जैसे ही युवक उसे अंदर ले जा रहा था, माता-पिता ने दोनों को रंगेहाथ पकड़ लिया।
पूछताछ में किशोरी टूट गई और पूरी सच्चाई सामने आ गई।
प्रेमी देता था नींद की दवा
किशोरी ने बताया कि वह पिछले करीब एक साल से युवक के संपर्क में थी।
उसी युवक ने उसे माता-पिता के खाने में नींद की दवा मिलाने का तरीका बताया और दवा भी वही उपलब्ध कराता था।
पहले भी हुई थी पंचायत
मामला सामने आने के बाद गांव में पंचायत हुई। युवक ने माफी मांगते हुए दोबारा ऐसा न करने का आश्वासन दिया, लेकिन कुछ दिनों बाद फिर धमकी देने लगा। परिजनों का आरोप है कि युवक ने जान से मारने की धमकी भी दी।
पुलिस कार्रवाई
डर के माहौल में परिवार ने गुलरिहा थाने में शिकायत दर्ज कराई।
थाना प्रभारी विजय प्रताप सिंह ने बताया कि पीड़िता के पिता की तहरीर पर आरोपी युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस लगातार दबिश दे रही है और आरोपी की तलाश जारी है।
उठते सवाल
यह मामला सिर्फ एक परिवार की कहानी नहीं है, बल्कि यह सवाल भी खड़ा करता है कि—
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नाबालिगों तक ऐसी दवाएं कैसे पहुंच रही हैं?
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मोबाइल और सोशल मीडिया का प्रभाव कहां तक खतरनाक हो चुका है?
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समय रहते संवाद और निगरानी क्यों जरूरी है?
पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा और मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है।






