अयोध्याउत्तर प्रदेश

जेल की दीवारें भी न रोक सकीं मोहब्बत: अयोध्या में रामलला के साक्षी बने अभिषेक-इंदीमा, हिंदू रीति से रचाई शादी

राम मंदिर फैसले की छठवीं वर्षगांठ पर हुई अनोखी शादी, तीन साल की प्रेम कहानी बनी मिसाल

जन एक्सप्रेस अयोध्या। अयोध्या में आज का दिन कई मायनों में खास रहा। जहां एक ओर देशभर में लोग राम मंदिर के पक्ष में आए ऐतिहासिक फैसले की छठवीं वर्षगांठ मना रहे थे, वहीं इसी पावन अवसर पर दो दिलों ने रामलला को साक्षी मानकर जीवनभर साथ निभाने का वचन लिया।अयोध्या जनपद के रहने वाले अभिषेक यादव ने अपनी मुस्लिम प्रेमिका इंदीमा खान के साथ राम जानकी मंदिर में हिंदू रीति-रिवाजों से विवाह किया। दोनों ने अग्नि के सात फेरे लेकर प्रेम और एकता का संदेश दिया।

तीन साल की प्रेम कहानी बनी मिसाल
अभिषेक और इंदीमा की प्रेम कहानी करीब तीन साल पहले शुरू हुई थी। मुलाकात दोस्ती में बदली और फिर दोनों एक-दूसरे के जीवन का अहम हिस्सा बन गए। लेकिन जब इस रिश्ते की भनक इंदीमा के परिवार को लगी, तो उन्होंने विरोध जताया और अभिषेक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई, जिसके बाद अभिषेक को जेल भी जाना पड़ा।

जेल की दीवारें भी न रोक सकीं प्यार की जिद
अभिषेक बताते हैं कि जेल में रहते हुए भी उन्होंने अपने रिश्ते पर भरोसा नहीं खोया। बाहर आने के बाद उन्होंने ठान लिया कि अब वे सिर्फ इंदीमा से ही शादी करेंगे। उस समय इंदीमा नाबालिग थीं, लेकिन अब बालिग होने के बाद उन्होंने अपनी इच्छा से हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार अभिषेक से विवाह किया।

रामलला के दरबार से दिया प्रेम और सद्भाव का संदेश
रामलला के साक्षी में हुए इस विवाह ने अयोध्या में एक अनोखा उदाहरण पेश किया है। इस शादी को देखने वाले लोगों ने इसे धर्म और समाज की सीमाओं से परे सच्चे प्रेम का प्रतीक बताया।

अभिषेक का कहना: जेल में भी मेरा विश्वास नहीं टूटा। मुझे पता था कि हमारा रिश्ता सच्चा है, और आज रामलला की कृपा से हम एक-दूसरे के हो गए।अयोध्या में रामलला के दरबार में हुई इस अद्भुत शादी ने यह साबित कर दिया कि सच्चा प्रेम किसी दीवार, धर्म या बंदिश का मोहताज नहीं होता।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button