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राजकीय बालिका इंटर कॉलेज के जर्जर भवन में पढ़ने को मजबूर छात्राएं

छात्राओं ने लगाया प्राचार्या पर आरोप, पहले लगवाती हैं झाड़ू फिर बाद में करते हैं पढ़ाई, अगर ऐसा नहीं करते तो अध्यापक करते हैं पिटाई

जन एक्सप्रेस/संवाददाता

चित्रकूट। मानिकपुर राजकीय बालिका इंटर कालेज में सरकारी बालिका विद्यालय की हालत देखकर आप दंग रह जाएंगे। जानकारी मिलने पर खबर की पुष्टि करने जब जन एक्सप्रेस की टीम मौके पर विद्यालय पहुंची तो स्कूल की छात्राओं ने अपनी व्यथा को उजागर किया। छात्राओं ने बताया कि राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की प्राचार्या छात्राओं के साथ अच्छा व्यवहार तो कभी करती नहीं बल्कि जब स्कूल आते हैं तब सबसे पहले छात्राओं से झाड़ू लगवाती हैं और कहती हैं कि तुम नहीं लगाओगे तो क्या मैं लगाऊंगी। वहीं मौके पर मानिकपुर एसडीएम रामजनम यादव भी मौजूद रहे। राजकीय बालिका विद्यालय की प्राचार्या से जब इन विषयों पर उनका पक्ष जानने के लिए वार्तालाप करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने सही से जवाब देते हुए मामले को गोलमोल करती रही। वहीं छात्राओं का कहना है कि विद्यालय में मूलभूत सुविधाओं का पूर्णतयः अभाव है। शौचालय से लेकर विद्युत व्यवस्था तक सब कुछ राम भरोसे चल रहा है।

वहीं मौके पर पहुंच कर उपजिलाधिकारी मानिकपुर ने जांच पड़ताल कर विद्यालय का जायजा लिया। अब देखना दिलचस्प होगा कि शिक्षा के मंदिर को तबेला बनाने वाली प्राचार्या पर प्रशासन क्या कार्यवाही करता है?

बिल्डिंग की हालत ठीक नहीं है, जर्जर अवस्था में है। उच्च अधिकारियों से बात कर इसका समाधान निकाला जाएगा।

– रामजन्म यादव, उपजिलाधिकारी मानिकपुर

 

उक्त मामले पर जिला विद्यालय निरीक्षक संतोष कुमार मिश्र ने कहा हम लोग कई बार शासन को पत्र भेज चुके हैं, एस्टीमेट बनवाकर भी भेज चुका है लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। पूर्व में जो बिल्डिंग बनी थी वह रिजेक्ट हो गई है, उसमें ठेकेदार खिलाफ एफआइआर भी हुई है, लेकिन हम सिर्फ शासन को पत्र लिख सकते हैं, बाकी हम कुछ भी नहीं कर सकते। हम स्वयं वहां जाकर देख चुके हैं वास्तव में स्थिति दयनीय है।

छात्राओं द्वारा झाड़ू लगाने के आरोप पर जिला विद्यालय निरीक्षक चित्रकूट ने कहा इसकी हम जांच करवाते हैं।

जब शौचालय को लेकर जिला विद्यालय निरीक्षक से प्रश्न पूछा गया तो उन्होंने कहा कि हां मैं इस बात को मानता हूं कि वहां शौचालय ठीक-ठाक नहीं होगा, क्योंकि वहां का स्कूल जूनियर विद्यालय में शिफ्ट है, इसलिए वहां पर दिक्कत है।

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