उत्तरकाशी में यूओयू कुलपति प्रो. लोहनी का भव्य स्वागत और जल दिवस विशेषांक विमोचन

जन एक्सप्रेस/उत्तरकाशी: उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय (यूओयू) के कुलपति प्रो. नवीन चंद्र लोहनी का उत्तरकाशी आगमन पर भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर क्षेत्रीय निदेशक डॉ. प्रो. मधु थपलियाल ने उनके शैक्षणिक योगदान और अंतरराष्ट्रीय अनुभव को रेखांकित किया। प्रो. लोहनी ने हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनके 12 पुस्तकें और 85 से अधिक शोध आलेख प्रकाशित हैं, जो उनके व्यापक ज्ञान और अनुभव को दर्शाते हैं।
प्रो. लोहनी का शैक्षणिक और अंतरराष्ट्रीय अनुभव
बागेश्वर जिले के पचार गांव के निवासी प्रो. लोहनी के तीन दशकों से अधिक शिक्षण अनुभव रहे हैं। वे स्विट्जरलैंड के लौजान विश्वविद्यालय में रवींद्रनाथ टैगोर चेयर और चीन के शंघाई अंतरराष्ट्रीय अध्ययन विश्वविद्यालय में ICCR चेयर विजिटिंग प्रोफेसर भी रह चुके हैं। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य है “उच्च शिक्षा आपके द्वार”, जो दूरस्थ और सीमांत क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण, रोजगारपरक और किफायती शिक्षा पहुँचाता है।
जल दिवस विशेषांक का विमोचन
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष रमेश चौहान, कुलपति प्रो. लोहनी और डॉ. मधु थपलियाल ने पीएम श्री कमलाराम नौटियाल राजकीय आदर्श इंटर कॉलेज, धौंतरी की विज्ञान पत्रिका विज्ञान मण्डल के जल दिवस विशेषांक का विमोचन किया।
विशेषांक में जल संकट, हिमालयी पारिस्थितिकी और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। पत्रिका के संपादक डॉ. शम्भू प्रसाद नौटियाल ने बताया कि इस विशेषांक का उद्देश्य विद्यार्थियों और आम जनता में वैज्ञानिक चेतना और पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना है।
यूओयू की दूरस्थ और ऑनलाइन शिक्षा
जिला पंचायत अध्यक्ष रमेश चौहान ने कहा कि उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय राज्य के सीमांत और दुर्गम क्षेत्रों जैसे उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ के लिए उच्च शिक्षा का सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। विश्वविद्यालय के अध्ययन केंद्रों के माध्यम से किफायती और दूरस्थ शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे महिलाओं, जनजातीय समुदायों और दूरदराज के वंचित वर्गों को घर बैठे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त हो रही है।
यूओयू की ऑनलाइन और दूरस्थ शिक्षा योजनाएँ इस क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए एक नई दिशा प्रदान करती हैं। इससे सीमांत क्षेत्रों में शिक्षा का स्तर बढ़ाने में मदद मिल रही है और स्थानीय समुदायों में रोजगारपरक कौशल विकास को बढ़ावा मिल रहा है।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख व्यक्ति
कार्यक्रम में समाजसेवी मुरारी लाल भट्ट, राजकीय शिक्षक संघ के जिलामंत्री बलवंत असवाल, पूर्व अध्यक्ष अटोल महर, प्राध्यापक डॉ. अनिल कंडारी, डॉ. ममता ध्यानी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, शिक्षक और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।






